Yamunanagar: 13 दिन नहीं खुलेंगी लकड़ी मंडियां, कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन का फैसला
यमुनानगर की लकड़ी मंडियां रहेंगी बंद, कांवड़ यात्रा के चलते फैसला
यमुनानगर: सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से यमुनानगर जिले की मंडौली और मानकपुर टिंबर मंडियां 30 जुलाई से 11 अगस्त तक बंद रहेंगी। प्रशासन और टिंबर आढ़ती संगठन के समन्वय से लिया गया यह निर्णय जिले के प्लाईवुड उद्योग पर भी व्यापक प्रभाव डालेगा, क्योंकि इन दोनों मंडियों से अधिकांश औद्योगिक इकाइयों को कच्ची लकड़ी की नियमित आपूर्ति होती है।
मंडियों में कारोबार ठप रहने के कारण प्लाईवुड उद्योग के सामने कच्चे माल की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसे देखते हुए फैक्ट्री संचालकों ने पिछले कई दिनों से अतिरिक्त लकड़ी का भंडारण शुरू कर दिया है। बढ़ी हुई मांग के कारण मंडियों में सामान्य दिनों की तुलना में लकड़ी की आवक और खरीद दोनों में तेजी दर्ज की गई है, जबकि पॉपुलर की लकड़ी के दामों में भी नरमी देखी जा रही है।
जिले में लगभग 350 प्लाईवुड फैक्टरियां तथा करीब 400 पीलिंग यूनिट संचालित हैं। इन इकाइयों में प्रतिदिन लगभग सात हजार घन मीटर प्लाईवुड तैयार किया जाता है, जिसकी आपूर्ति देश के अनेक राज्यों में की जाती है। उद्योग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि भले ही पहले से स्टॉक तैयार कर लिया गया हो, लेकिन लंबे समय तक नियमित आपूर्ति बाधित रहने पर उत्पादन सामान्य स्तर पर बनाए रखना संभव नहीं होता।
ऐसी स्थिति में उत्पादन क्षमता में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट आने की आशंका रहती है, जिसका असर तैयार माल की समय पर आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।
हरियाणा प्लाईवुड एसोसिएशन के अध्यक्ष जे.के. बिहानी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु यमुनानगर मार्ग से हरिद्वार की ओर जाते हैं। मंडियों के बाहर लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के खड़े रहने से यातायात बाधित होने और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसी कारण हर वर्ष यात्रा अवधि में दोनों टिंबर मंडियों का संचालन अस्थायी रूप से स्थगित किया जाता है।