फरीदाबाद। दिल्ली से कुछ ही दूरी पर स्थित सूरजवैली इलाके में जलभराव ने लोगों का जीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। यहां रहने वाले करीब 100 परिवार पिछले कई दिनों से पानी के बीच रहने को मजबूर हैं। बारिश के बाद जमा हुआ पानी अब सड़ने लगा है, जिससे लोगों को आवागमन के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
तिगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिवदुर्गा विहार क्षेत्र में हालात बेहद खराब बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 10 दिन पहले हुई बारिश के बाद इलाके में पानी भर गया था, लेकिन अब तक जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। कई अभिभावक अपने बच्चों को कंधे पर बैठाकर जलभराव वाले रास्ते को पार कर स्कूल तक पहुंचा रहे हैं। वहीं, पुरुष और युवा किसी तरह पानी के बीच से निकलकर अपने काम पर जाने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव का पानी अब पूरी तरह सड़ चुका है और उसका रंग हरा हो गया है। लंबे समय से जमा पानी में बदबू फैल रही है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
इलाके की महिलाओं और बुजुर्गों के लिए इस गंदे पानी को पार करना और भी मुश्किल हो गया है। इसी कारण लोगों ने अपनी सुविधा के लिए अस्थायी पुल तैयार किए हैं। लकड़ी और अन्य सामानों की मदद से बनाए गए इन अस्थायी रास्तों के सहारे लोग किसी तरह घरों से बाहर निकल पा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है, बुजुर्गों को अस्पताल या अन्य जरूरी कामों के लिए बाहर निकलने में परेशानी होती है और महिलाओं को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वोट मांगने के लिए जरूर पहुंचते हैं, लेकिन समस्या के समय कोई उनकी सुध लेने नहीं आता। उनका कहना है कि इलाके में करीब 400 वोट हैं, इसके बावजूद लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बारिश के बाद हर साल ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलभराव की समस्या दूर नहीं की गई तो वे आने वाले चुनावों में इसका जवाब देंगे। लोगों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए।
इलाके के लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए और नालियों व ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाए। उनका कहना है कि लंबे समय तक जमा पानी से बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में जलभराव की सबसे बड़ी वजह खराब ड्रेनेज व्यवस्था और जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम न होना है। यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था की जाए तो ऐसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
फिलहाल सूरजवैली के लोग अभी भी गंदे पानी के बीच रहने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस कदम कब उठाया जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।