गुरुग्राम। खेड़कीदौला थाना क्षेत्र के सेक्टर-84 में शनिवार अलसुबह तेज बारिश के दौरान एक निर्माणाधीन दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के पास सो रहे एक श्रमिक परिवार के सात लोग मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही खेड़कीदौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे सभी सात लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है और कोई भी खतरे से बाहर बताया जा रहा है। अस्पताल में उनका इलाज जारी है।

तेज बारिश के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान सेक्टर-84 में एक निर्माणाधीन दीवार अचानक गिर गई। दीवार के नजदीक श्रमिक परिवार के सदस्य सो रहे थे। दीवार गिरने की आवाज के साथ ही मलबा वहां सो रहे लोगों के ऊपर जा गिरा।

हादसा इतना अचानक हुआ कि परिवार के सदस्यों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। आसपास के लोगों ने जब चीख-पुकार सुनी तो वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद राहत और बचाव का काम शुरू किया गया।

सात लोग मलबे में दबे

हादसे में डिंपल, सिंपल, अभिषेक, सुषमा, राजकली, शिवांसी और प्रियांशू घायल हुए हैं। घायलों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। मलबे में दबने के कारण सभी को चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकालने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस के अनुसार, हादसे में घायल सभी लोगों का इलाज कराया जा रहा है। चिकित्सकों ने उनकी हालत फिलहाल ठीक बताई है। हालांकि, सभी घायलों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

पटना के रहने वाले हैं श्रमिक

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे का शिकार हुआ परिवार मूल रूप से बिहार के पटना जिले का रहने वाला है। परिवार के सदस्य गुरुग्राम के सेक्टर-84 में काम करते हैं और वहीं रहते हैं।

बताया गया है कि परिवार के लोग सेक्टर-84 स्थित शमशेर सिंह की टाइल बनाने वाली फैक्ट्री में श्रमिक के रूप में काम करते हैं। काम के सिलसिले में परिवार गुरुग्राम में रह रहा था। शनिवार सुबह हादसे के समय परिवार के सदस्य निर्माणाधीन दीवार के पास सो रहे थे।

स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता

दीवार गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल मदद के लिए आगे बढ़कर राहत कार्य शुरू किया। आसपास मौजूद लोगों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी।

कुछ ही समय में खेड़कीदौला थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को मलबे से बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। समय पर राहत मिलने से सभी घायलों को जल्द उपचार मिल सका।

निर्माण कार्य की सुरक्षा पर सवाल

बारिश के दौरान निर्माणाधीन दीवार के गिरने की घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिक परिवार के लोग दीवार के पास ही सो रहे थे। ऐसे में निर्माणाधीन ढांचे के आसपास श्रमिकों के रहने या सोने की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जरूरत सामने आई है।

पुलिस हादसे के कारणों की जानकारी जुटा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि दीवार निर्माण के दौरान सुरक्षा के जरूरी उपाय किए गए थे या नहीं। इसके अलावा तेज बारिश और मिट्टी में नमी के कारण दीवार की मजबूती पर कितना असर पड़ा, इसकी भी पड़ताल की जा सकती है।

बारिश के दौरान बढ़ जाता है खतरा

मानसून के दौरान निर्माणाधीन दीवारों, कमजोर ढांचों और असुरक्षित निर्माण स्थलों पर हादसे का खतरा बढ़ जाता है। तेज बारिश के कारण मिट्टी में नमी बढ़ने से निर्माणाधीन संरचनाओं की नींव और आसपास की जमीन प्रभावित हो सकती है। ऐसे में निर्माण स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होती है।

सेक्टर-84 की घटना में भी तेज बारिश के बीच दीवार गिरने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

सभी घायल खतरे से बाहर

हादसे के बाद सबसे राहत की बात यह रही कि मलबे की चपेट में आए सभी सात लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है और फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।

पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। निर्माणाधीन दीवार की स्थिति, उसके आसपास की परिस्थितियों और सुरक्षा इंतजामों की जांच के बाद हादसे की वजह सामने आने की उम्मीद है।

सेक्टर-84 में शनिवार अलसुबह हुई इस घटना ने श्रमिकों की सुरक्षा और निर्माण स्थलों पर जरूरी सावधानियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल सातों घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

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