हरियाणा : एनआईटी स्थित वार्ड-6 में सीवर ओवरफ्लो की समस्या ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इलाके में रहने वाले 100 से अधिक परिवार पिछले करीब एक महीने से गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। कुमाऊ मंदिर रोड पर सीवर का पानी भर जाने से लगभग दो किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर जमा गंदे पानी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों को मजबूरी में इसी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
लोगों के अनुसार, सड़क पर बिछाई गई सीवर लाइन पूरी तरह से जाम हो चुकी है, जिसके कारण गंदा पानी बाहर निकलकर सड़क पर जमा हो रहा है। लगातार पानी भरे रहने से सड़क की स्थिति भी खराब होती जा रही है। स्थानीय लोगों को डर है कि गंदे पानी के कारण बीमारियां फैल सकती हैं।
वार्ड-6 के निवासी रामसिंह ने बताया कि सीवर सफाई के लिए इलाके में 22 लाख रुपये का काम कराया गया था। उनका कहना है कि स्थानीय पार्षद गायत्री देवी की ओर से लोगों के सामने यह दावा किया जाता रहा है कि सीवर व्यवस्था सुधारने के लिए काम किया गया है। लेकिन वर्तमान स्थिति यह बताती है कि जमीन पर काम का कितना असर हुआ है।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि सीवर सफाई के लिए इतना बड़ा बजट खर्च किया गया, तो फिर सड़क पर लंबे समय तक गंदा पानी क्यों जमा है। उनका कहना है कि समस्या केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि सीवर लाइन की क्षमता और रखरखाव पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
निवासियों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय पार्षद और नगर निगम अधिकारियों को जानकारी दी है। इसके अलावा ज्ञापन देकर भी समाधान की मांग की गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
गंदे पानी के कारण इलाके में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी डर सता रहा है। सड़क पर जमा पानी में मच्छर पनपने की संभावना बढ़ गई है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा पैदा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सफाई कराने और सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि सड़क पर पानी जमा होने के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर गंदा पानी इतना फैल गया है कि लोगों को सड़क के किनारे से होकर निकलना पड़ता है।
स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि केवल अस्थायी सफाई के बजाय सीवर लाइन की पूरी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि बार-बार सफाई कराने के बावजूद यदि समस्या बनी रहती है, तो इसके मूल कारण का समाधान जरूरी है।
इलाके के लोगों का कहना है कि वार्ड में रहने वाले परिवार लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
वहीं, स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, लोगों को उम्मीद है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की जाएगी और सड़क को गंदे पानी से मुक्त कराया जाएगा।
फिलहाल एनआईटी वार्ड-6 के लोग सीवर ओवरफ्लो की समस्या से राहत का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्वच्छ वातावरण और बेहतर मूलभूत सुविधाएं उनका अधिकार हैं और इसके लिए प्रशासन को जल्द कदम उठाने चाहिए।