Haryana हरियाणा : झूठे मुकदमे को खत्म कराने के नाम पर ब्लैकमेल कर रुपये मांगने के मामले में थाना सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शिकायतकर्ता से पांच लाख रुपये की मांग करने वाले दंपती समेत तीन आरोपितों को ट्रैप लगाकर रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से शिकायतकर्ता से लिए गए दो लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने कथित तौर पर एक मामले में फंसाने और उसे खत्म कराने का झांसा देकर शिकायतकर्ता से पैसे की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने योजना बनाकर आरोपितों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
ब्लैकमेल कर मांगे जा रहे थे पांच लाख रुपये
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता को आरोपितों की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था। आरोप था कि झूठे मुकदमे को खत्म कराने और मामले में राहत दिलाने के नाम पर उससे पांच लाख रुपये की मांग की गई।
शिकायतकर्ता ने इस संबंध में थाना सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और आरोपितों को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की।
पुलिस ने शिकायतकर्ता को भरोसे में लेकर आरोपितों तक पहुंचने की रणनीति बनाई। इसके बाद तय योजना के अनुसार रुपये देने की बात कही गई।
ट्रैप लगाकर पकड़े गए आरोपित
पुलिस टीम ने निर्धारित स्थान पर निगरानी शुरू की। जैसे ही आरोपित रुपये लेने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें घेर लिया और मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपितों में एक दंपती और एक अन्य व्यक्ति शामिल है। आरोपितों के पास से शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए दो लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को झूठे मुकदमे या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे मांगना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करती है।
बरामद रुपये बने जांच का अहम आधार
आरोपितों से बरामद किए गए दो लाख रुपये पुलिस जांच में अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों ने इससे पहले भी किसी अन्य व्यक्ति से इसी तरह पैसे की मांग की थी या नहीं।
इसके अलावा आरोपितों के पुराने रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि मामले में और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति झूठे मुकदमे में फंसाने, केस खत्म कराने या किसी अन्य कानूनी राहत के नाम पर पैसे की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में डरने के बजाय कानून की मदद लेनी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से आरोपितों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि ब्लैकमेलिंग की इस पूरी साजिश में आरोपितों की भूमिका क्या थी और क्या उन्होंने पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।
सिविल लाइन पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि कानूनी प्रक्रिया का डर दिखाकर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।