भिवानी: जिले के डाडम माइनिंग जोन में एक बार फिर हादसा हुआ है. रविवार को डाडम में दो अलग-अलग हादसों में दो मजदूरों (laborer died in dam mining) की मौत हो गई. एक मजदूर की पहाड़ तोड़ते वक्त पत्थर गिरने से मौत हो गई. वहीं दूसरे मामले में शराब के नशे में पहाड़ से गिरने से मजदूर की मौत हो गई. हादसे के बाद माइनिंग अधिकारी सहित पूरी टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है. इससे पहले एक जनवरी 2022 को डाडम पहाड़ में हजारों टन बड़ा पत्थर गिरने से पांच मजदूरों की मौत हो गई थी और दो घायल हुए थे. इस मामले की जांच अभी भी चल रही है.
मिली जानकारी के अनुसार भिवानी के डाडम गांव निवासी 25 वर्षीय सोनू साइट पर हैमर मशीन पर काम कर रहा था. घटना के समय सोनू पीट नंबर 12 में पत्थर तोड़ने का काम कर रहा था. उसकी दौरान एक बड़ा पत्थर पहाड़ से टूट कर नीचे आकर सोनू पर गिरा गया. हादसे के दौरान आस पास खड़े मजदूरों ने शोर मचा दिया और बाकी मजदूरों ने सोनू को तुरंत हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया. जहां उसने कुछ घंटों के बाद दम तोड़ा दिया.
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीम तोशाम मनीष कुमार फोगाट और जिला माइनिंग अधिकारी भूपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और हादसे की छानबीन शुरू कर दी. आशंका जाहिर की जा रही है कि मृतक व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में खनन कर रहा था. बता दें कि, इससे पहले जनवरी में भी यहां हादसा हुआ था. 10 नवंबर, 2021 को एनसीआर रीजन में प्रदूषण के चलते डाडम सहित पूरे खनन कार्य बंद कर दिया गया था. इसके बाद दिसंबर माह में एनजीटी की बैठकें हुई, लेकिन पहाड़ खनन को एयर क्वॉलिटी नहीं सुधरने के चलते बंद ही रखा गया.
बंद पड़े क्रशरों को बीती 31 दिसंबर को ही हरियाणा प्रदूषण बोर्ड ने चलाने की अनुमति दी थी, लेकिन अगले ही दिन 1 जनवरी, 2022 को पहाड़ खिसकने से बड़ा हादसा हो गया था. जिसके चलते वहां खड़ी आधा दर्जन के करीब पोकलैंड मशीनें और डंफर दब गए थे. जिसमें 5 लोगों की मृत्यु हुई थी और 3 लोग घायल हो गए थे. इस घटना की जांच के लिए भिवानी के उपायुक्त ने अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा जांच करने के आदेश दिए थे. इस हादसे के बाद विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा था. वहीं भिवानी से बीजेपी सांसद धर्मबीर सिंह ने भी इस हादसे को लेकर अपनी सरकार को घेरा था.
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