नूंह। नूंह जिले की सीमा से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ओवरलोड वाहनों से गिरने वाली रोड़ी और निर्माण सामग्री वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में सड़क पर बिखरी रोड़ी के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है। विशेष रूप से छोटे वाहनों और दोपहिया चालकों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो रही है।
वाहन चालकों का कहना है कि तेज रफ्तार से चलने वाले एक्सप्रेसवे पर अचानक सड़क पर पड़ी रोड़ी सामने आने से वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है। कई बार टायर फिसलने से दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। इसके बावजूद ओवरलोड वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से समस्या लगातार बनी हुई है।
ओवरलोड वाहनों से गिर रही सामग्री
जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में भारी वाहन आवाजाही करते हैं। इनमें कई वाहन क्षमता से अधिक निर्माण सामग्री लेकर चलते हैं। नियमों की अनदेखी के कारण वाहन से रोड़ी, बजरी और अन्य सामग्री सड़क पर गिर जाती है।
एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड मार्ग पर सड़क पर पड़ी छोटी-छोटी रोड़ी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। खासकर जब वाहन तेज गति से चल रहे हों, तब अचानक संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
छोटे वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी
कार और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह समस्या अधिक गंभीर है। चालकों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर वाहन तेज गति से चलते हैं और अचानक सामने आई रोड़ी से बचने के प्रयास में कई बार वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर बिखरी रोड़ी सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है। टायर फिसलने से गिरने और गंभीर चोट लगने की आशंका रहती है।
कई हिस्सों में फैली है समस्या
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के अनुसार, नूंह जिले की सीमा में आने वाले एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में यह समस्या देखने को मिल रही है। कुछ स्थानों पर सड़क किनारे और लेन में रोड़ी जमा हो जाती है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है।
वाहन चालकों का कहना है कि समय-समय पर सड़क की सफाई और निरीक्षण जरूरी है, ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।
कार्रवाई की मांग
वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन तथा एक्सप्रेसवे प्रबंधन से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों पर सख्ती की जाए। उनका कहना है कि यदि ऐसे वाहनों पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
लोगों ने यह भी मांग की है कि एक्सप्रेसवे पर नियमित गश्त बढ़ाई जाए और सड़क पर गिरी निर्माण सामग्री को तुरंत हटाने की व्यवस्था की जाए।
यातायात सुरक्षा पर उठे सवाल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश के प्रमुख हाई-स्पीड कॉरिडोर में शामिल है। ऐसे में यहां सड़क सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क की स्थिति खराब होना और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ना चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारी वाहनों को निर्धारित क्षमता के अनुसार ही सामग्री ले जानी चाहिए। इसके अलावा वाहन में सामग्री को अच्छी तरह ढककर रखना चाहिए, ताकि रास्ते में कुछ भी न गिरे।
प्रशासन की भूमिका अहम
इस समस्या के समाधान के लिए परिवहन विभाग, पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रबंधन को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने की जरूरत है। ओवरलोड वाहनों की जांच, नियमों का पालन और नियमित निगरानी से इस तरह के खतरों को कम किया जा सकता है।
फिलहाल वाहन चालक एक्सप्रेसवे पर सफर करते समय अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क पर बिखरी रोड़ी की समस्या का स्थायी समाधान जल्द किया जाना चाहिए, ताकि सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित हो सके।