नोएडा में फर्जी रिफ्लेक्टिव टेप की बिक्री पर सख्त कार्रवाई, सड़क सुरक्षा बढ़ाने का प्रयास
NOIDA नोएडा: सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए गौतम बुद्ध नगर परिवहन विभाग ने वाहनों पर फर्जी और निम्न गुणवत्ता वाले रिफ्लेक्टिव टेप की बिक्री और उपयोग के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। शनिवार को एआरटीओ (प्रवर्तन) सियाराम वर्मा ने शहर के विभिन्न बाजारों में निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी मात्रा में नकली रिफ्लेक्टिव टेप जब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार, वाणिज्यिक वाहनों में मानक रिफ्लेक्टिव टेप का उपयोग अनिवार्य है। नियमों के अनुसार, सफेद टेप की ब्राइटनेस 450 कैंडेला, लाल 120 कैंडेला और पीली 300 कैंडेला होनी चाहिए। लेकिन जब्त किए गए नकली टेप की ब्राइटनेस केवल 77 कैंडेला (सफेद), 14 (लाल) और 90 (पीली) पाई गई।
अधिकारी बताते हैं कि ऐसे नकली टेप रात में दूरी से दिखाई नहीं देते और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाते हैं। परिवहन विभाग ने दुकानदारों को चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि वे फर्जी टेप बेचते पाए गए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही वाहन मालिकों को भी चेताया गया है कि यदि उनके वाहनों पर गैर-मानक रिफ्लेक्टिव टेप पाए गए, तो उन्हें 10,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। सियाराम वर्मा ने कहा कि नकली रिफ्लेक्टिव टेप सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। अधिकांश दुर्घटनाएं रात के समय होती हैं, जब वाहन दिखाई नहीं देते। ऐसे नकली टेप इस खतरे को और बढ़ा देते हैं। उन्होंने वाहन मालिकों से अनुरोध किया कि केवल मानक और "Make in India" प्रमाणित टेप का उपयोग करें, जिससे दुर्घटना का जोखिम कम हो सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिवहन विभाग नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाता रहेगा और फर्जी सामग्री बेचने या उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। विभाग ने कहा कि सड़क सुरक्षा के मामलों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य सड़क पर वाहनों की दृश्यता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। अधिकारियों का कहना है कि फर्जी रिफ्लेक्टिव टेप की बिक्री पर नियंत्रण करके नोएडा की सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है।