सोनीपत: सोनीपत के बड़वासनी, बागडू, रतनगढ़, जाट माजरा, और हुलहेडी गांवों में भारी बारिश के कारण खेतों में कई फुट पानी भर गया, जिससे थान, ज्वार, बाजार, और गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। गुरुवार को इसके विरोध में किसानों ने जिला पार्षद संजय बड़वासनी, जिला पार्षद प्रतिनिधि वाइस चेयरमैन मोनू बगरू, और जिला पार्षद सुरेश के नेतृत्व में जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम सोनीपत को ज्ञापन सौंपा।
संजय बड़वासनी ने बताया कि ड्रेन की सफाई केवल कागजों तक सीमित रही, जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हुआ। इससे बारिश का पानी नहीं निकल पाया, और फसलें बर्बाद हो गईं। प्रशासन ने समय रहते पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की, जिसके कारण किसानों का नुकसान बढ़ा। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अगले दिन तक पानी निकासी का प्रबंध नहीं हुआ, तो जिला उपायुक्त कार्यालय का घेराव और तालाबंदी की जाएगी।
किसान दोनों गेटों पर धरना शुरू करेंगे। बड़वासनी ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को समृद्ध बनाने की बात करती है, लेकिन उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से विशेष गिरदावरी करवाकर प्रति एकड़ 60 हजार रुपये मुआवजे की मांग की। कई किसानों ने 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से किराए पर जमीन ली थी, जो अब बर्बाद हो चुकी है। समय रहते पानी निकासी नहीं हुई तो अगली फसल की बुवाई भी प्रभावित होगी। प्रदर्शन में तार सिंह, कर्मवीर, राजवीर, रणवीर, संदीप, कुलदीप योगेश, जगविंदर आदि किसान उपस्थित रहे। एसडीएम ने पानी निकासी का आश्वासन दिया।