सोनीपत: सोनीपत में गांव जाट जोशी निवासी अंकित ने बहालगढ़ रोड स्थित निजी एफआईएमएस अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए गुरुवार को सीएमओ और सेक्टर-27 थाना पुलिस को शिकायत दी है। अंकित के अनुसार, उनकी पत्नी नेहा को पांच सितंबर को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन बच्ची का जन्म हुआ और सात सितंबर को उन्हें छुट्टी दी गई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि अस्पताल की भर्ती फाइल और अन्य दस्तावेजों में नवजात का लिंग अलग-अलग दर्ज किया गया है। कहीं मेल तो कहीं फीमेल लिखा गया है। उनका कहना है कि नवजात बेटी है और दस्तावेजों में इस तरह की जानकारी दर्ज होना अस्पताल की लापरवाही है।

अंकित ने बताया कि प्रसव से पहले सुनहरी देवी अस्पताल में बच्चे का रंगीन अल्ट्रासाउंड कराया गया था। इसमें पैर में कुछ विकार बताए गए थे। एफआईएमएस अस्पताल में जन्म के बाद बच्चे को नर्सरी में रखा गया और कई जांच कराई गईं। आरोप है कि करीब पांच जांचों में से उन्हें केवल एक रिपोर्ट दी गई। बाकी जांचों की रिपोर्ट नहीं दी गई।

अंकित ने बच्चे के सिर से संबंधित रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि बाद में दिल्ली के गंगा राम अस्पताल में जांच कराने पर बच्चे के लिवर, सिर, पैर और फेफड़ों से जुड़ी दिक्कत सामने आई। उन्होंने एफआईएमएस की रिपोर्ट और दिल्ली में हुई जांच के बीच अंतर होने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

शिकायत में अस्पताल के इलाज से जुड़े दस्तावेज, जांच रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और ऑपरेशन थिएटर की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग की गई है। मामले में रक्षक सेना भारत के प्रमुख मनजीत तिहाड़ा भी परिजनों के साथ पहुंचे। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषी मिलने पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चार दिन में कार्रवाई नहीं होने पर डीसी को शिकायत देने और धरना शुरू करने की चेतावनी दी।

वहीं, एफआईएमएस अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी महेश सरधाना ने कहा कि अस्पताल इस मामले में कोई पक्ष नहीं रखना चाहता।

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