Sonipat: विशेष लोक अदालत की पहल, 30 वर्ष पुराने भूमि मुआवजा मामले का हुआ समाधान
सोनीपत में विशेष लोक अदालत ने सुलझाया तीन दशक पुराना भूमि विवाद
सोनीपत: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनीपत के तत्वावधान में आयोजित विशेष लोक अदालत में लगभग 30 वर्ष पुराने भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद का आपसी सहमति से समाधान कर दिया गया। वर्ष 1996 से विभिन्न न्यायालयों में लंबित यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच चुका था।
मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र में आयोजित प्री-लोक अदालत के दौरान दोनों पक्षों के बीच संवाद और सहमति बनी, जिसके बाद विवाद का सफलतापूर्वक निपटारा हो गया। समझौते से पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली, साथ ही समय और धन दोनों की बचत हुई।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रचेता सिंह ने सोमवार को बताया कि विशेष लोक अदालत सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के त्वरित और प्रभावी समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि आपसी संवाद और सहमति के आधार पर विवाद सुलझाने से पक्षकार लंबी कानूनी प्रक्रिया से बच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में तीन दशक पुराने भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद का निपटारा विशेष लोक अदालत की उपयोगिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह व्यवस्था न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी विश्वास और सौहार्द बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती है।
प्रचेता सिंह ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अधिक से अधिक पात्र लोगों को विशेष लोक अदालत का लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के पक्षकारों से इस व्यवस्था का लाभ उठाकर अपने विवादों का सहमति के आधार पर शीघ्र समाधान कराने की अपील की।