कैंटर की तलाशी में खुला राज साइकिल के डिब्बों से निकली 376 पेटी शराब
साइकिल के बॉक्स अंदर शराब
नारनौल: शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच नारनौल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुजरात की ओर जा रहे एक संदिग्ध कैंटर को पकड़कर उसमें छिपाकर रखी गई 376 पेटी शराब बरामद की है। बताया जा रहा है कि तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए शराब की पेटियों को साइकिल के डिब्बों की आड़ में छिपाया था। पहली नजर में कैंटर सामान्य माल लेकर जाता दिखाई दे रहा था, लेकिन तलाशी लेते ही पूरा मामला सामने आ गया।
साइकिल के डिब्बों की आड़ में शराब
जानकारी के मुताबिक कैंटर में ऊपर और आसपास साइकिल से संबंधित सामान के डिब्बे रखे गए थे। इसके पीछे शराब की पेटियों को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य जांच में उन तक पहुंचना मुश्किल हो। पुलिस टीम को वाहन की गतिविधि पर संदेह हुआ तो कैंटर को रुकवाकर बारीकी से जांच की गई। जैसे-जैसे डिब्बे हटाए गए, उनके पीछे शराब की पेटियां दिखाई देने लगीं। इसके बाद पुलिस ने पूरे वाहन की तलाशी ली। जांच में कुल 376 पेटी शराब मिलने की बात सामने आई है।
गुजरात ले जाई जा रही थी खेप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शराब से भरा कैंटर गुजरात की तरफ जा रहा था। गुजरात में शराबबंदी लागू होने के कारण दूसरे राज्यों से अवैध शराब पहुंचाने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। तस्कर जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए कभी सब्जियों, पशु आहार तो कभी अन्य सामान की आड़ में शराब छिपाकर ले जाते हैं। हाल ही में पंचकूला पुलिस ने भी गुजरात जा रहे एक कंटेनर से 564 पेटी अवैध शराब पकड़ी थी। उस मामले में कंटेनर के आगे सब्जियों की प्लास्टिक क्रेट रखकर उनके पीछे शराब छिपाई गई थी।
नेटवर्क तक पहुंचने की चुनौती
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि शराब की यह खेप कहां से लोड की गई थी और गुजरात में इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। साथ ही वाहन मालिक, शराब उपलब्ध कराने वाले लोगों और डिलीवरी लेने वाले नेटवर्क की भूमिका का पता लगाना भी जांच का अहम हिस्सा होगा। नारनौल क्षेत्र में इससे पहले भी वाहनों में सामान की आड़ में शराब ले जाने के मामले सामने आ चुके हैं। दिसंबर 2025 में एक ट्रक से 602 पेटी शराब और बीयर बरामद हुई थी, जिसे पशु आहार के कट्टों की आड़ में छिपाया गया था।
तस्करी के नए-नए तरीके
साइकिल के डिब्बों के पीछे शराब छिपाने का तरीका बताता है कि तस्कर पुलिस और आबकारी विभाग से बचने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे मामलों में केवल वाहन और शराब जब्त करना ही नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी होता है। फिलहाल 376 पेटी शराब, साइकिल के डिब्बों में छिपाने और गुजरात ले जाए जाने से जुड़े इन विशिष्ट तथ्यों की आधिकारिक स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। विस्तृत पुलिस बयान सामने आने पर बरामद शराब की मात्रा, कीमत, आरोपी और रूट से जुड़ी स्थिति और स्पष्ट होगी।