हिसार/पानीपत : हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है। प्रदेश के हजारों सफाई कर्मी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर हैं और अब यह हड़ताल 22वें दिन में पहुंच गई है। कर्मचारियों ने आंदोलन को 30 अगस्त तक बढ़ाने का ऐलान किया है। हड़ताल के कारण कई शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने लगे हैं। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर सफाई कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने पहले किए गए समझौतों को लागू नहीं किया, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

शहरों में बढ़ी गंदगी की समस्या
सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति का असर अब शहरों की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ दिखाई देने लगा है। कई जगह कूड़ा नहीं उठने से गंदगी के ढेर जमा हो गए हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। रोहतक, सोनीपत, गुरुग्राम समेत कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। कुछ जगहों पर प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था से कचरा उठाने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण हालात पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाए हैं।
30 अगस्त तक बढ़ा आंदोलन
कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी क्रम में हड़ताल को अब 30 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। कर्मचारियों ने सरकार से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
सफाई कर्मियों की मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, वेतन बढ़ाना, ठेका प्रथा खत्म करना, जोखिम भत्ता देना और कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना जैसी मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से इन मुद्दों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं।
लोगों की बढ़ी परेशानी
हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। बाजारों, कॉलोनियों और मुख्य सड़कों के किनारे कचरा जमा होने से लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार और कर्मचारी संगठनों से जल्द समाधान निकालने की अपील की है। फिलहाल सफाई कर्मचारियों और सरकार के बीच गतिरोध जारी है। अगर जल्द सहमति नहीं बनी तो शहरों में सफाई संकट और गहरा सकता है।

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