भिवानी। हरियाणा के भिवानी जिले में एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल द्वारा नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान जींद जिले के लजवान कलां गांव निवासी और उचाना कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल उमेश कुमार के रूप में हुई है।

पुलिस ने इस मामले में दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। मृतक के साले सुदीप शर्मा की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने परशुराम कॉलोनी निवासी अरविंद और उसके बेटे अनिल को नामजद किया है।

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

तोशाम बाईपास के पास नहर में लगाई छलांग

जानकारी के अनुसार, करीब 63 वर्षीय उमेश कुमार पिछले लगभग दो वर्षों से अपनी पत्नी अनीता के साथ भिवानी में रह रहे थे।

बताया गया कि उन्होंने भिवानी के तोशाम बाईपास के पास स्थित नहर में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नहर से बाहर निकलवाया।

इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

साले की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

मृतक के साले सुदीप शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उमेश कुमार को लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।

शिकायत के अनुसार, परशुराम कॉलोनी निवासी अरविंद और उसके बेटे अनिल पर आरोप है कि वे उमेश कुमार के साथ गाली-गलौज करते थे और उन्हें जान से मारने की धमकियां भी देते थे।

सुदीप शर्मा का आरोप है कि लगातार मानसिक दबाव और परेशानियों के कारण उमेश कुमार ने यह कदम उठाया।

आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज

सदर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अरविंद और अनिल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपों की सत्यता की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

आरोपियों की तलाश शुरू

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस टीम आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। वहीं, मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।

जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उमेश कुमार और आरोपियों के बीच किस बात को लेकर विवाद चल रहा था।

परिवार में पसरा मातम

उमेश कुमार की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिजनों का कहना है कि उमेश कुमार एक सम्मानित व्यक्ति थे और लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दीं।

उनके इस कदम से परिवार और परिचितों को गहरा सदमा पहुंचा है।

पुलिस कर रही हर पहलू की जांच

पुलिस इस मामले में कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इसमें मृतक के मानसिक तनाव के कारणों, आरोपियों के साथ विवाद और घटना से पहले की परिस्थितियों की जांच शामिल है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उमेश कुमार ने आत्महत्या से पहले कोई संदेश या अन्य जानकारी छोड़ी थी।

शिक्षा जगत में शोक

उमेश कुमार के निधन की खबर से शिक्षा जगत में भी शोक की लहर है। कॉलेज से जुड़े लोगों और उनके परिचितों ने उनके निधन पर दुख जताया है।

लोगों ने बताया कि वह अपने कार्यकाल के दौरान जिम्मेदार और अनुशासित अधिकारी के रूप में जाने जाते थे।

आगे की कार्रवाई जारी

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Tags: