सिरसा : हरियाणा के सिरसा में एक फर्जी सूचना ने वन्यजीव, सिंचाई और प्रशासनिक विभागों को घंटों परेशान कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई मगरमच्छ की एक तस्वीर को असली मानकर रेस्क्यू टीम करीब 5 घंटे तक ओटू हेड और एनजीसी नहर में मगरमच्छ की तलाश करती रही। बाद में जांच में पता चला कि यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई थी। मामला सिरसा जिले के ओटू हेड क्षेत्र का है। यहां सोशल मीडिया पर एक विशाल मगरमच्छ की तस्वीर तेजी से वायरल हुई। तस्वीर के साथ दावा किया गया कि नहर में बड़ा मगरमच्छ देखा गया है। सूचना मिलते ही वन्यजीव विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारी सक्रिय हो गए और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया।

पांच घंटे तक चला तलाश अभियान
सूचना की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू टीम ने ओटू हेड और आसपास की एनजीसी नहर में तलाशी अभियान चलाया। टीम ने नहर के कई हिस्सों में जांच की, लेकिन कहीं भी मगरमच्छ का कोई सुराग नहीं मिला। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद भी जब कोई प्रमाण नहीं मिला तो तस्वीर की सत्यता की जांच की गई। जांच में सामने आया कि वायरल तस्वीर असली नहीं थी, बल्कि AI की मदद से तैयार की गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली और तलाशी अभियान रोक दिया गया।
AI तस्वीरों से बढ़ रही परेशानी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई तस्वीरें अब इतनी वास्तविक दिखने लगी हैं कि कई बार लोग उन्हें सच मान लेते हैं। ऐसी फर्जी तस्वीरें अफवाह फैलाने के साथ-साथ प्रशासन और बचाव टीमों का समय और संसाधन भी बर्बाद कर सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तस्वीर या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है। बिना जांचे किसी भी सूचना को आगे बढ़ाने से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद लोगों ने मांग की है कि ऐसी फर्जी सूचनाएं फैलाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सोशल मीडिया पर आने वाली सूचनाओं की पुष्टि जरूरी है। AI तकनीक जहां कई क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो रही है, वहीं इसका गलत इस्तेमाल लोगों और प्रशासन के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है।

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