चंडीगढ़: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने बकायेदार और विवादों में फंसे प्लॉट धारकों को बड़ी राहत देते हुए ‘विवादों से समाधान योजना-2026’ के तहत एकमुश्त निपटारे का मौका दिया है। योजना के दायरे में 103 सेक्टरों के करीब 4,924 पात्र आवंटी बताए गए हैं। इन्हें बकाया राशि का निर्धारित हिस्सा जमा करने पर कुल 724 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलने का अनुमान है। योजना का लाभ लेने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 तय की गई है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्लॉट एन्हांसमेंट से जुड़े लंबे समय से लंबित विवादों को समाप्त करना है। कई प्लॉट धारक अतिरिक्त कीमत यानी एन्हांसमेंट राशि को लेकर HSVP के साथ विवाद में हैं। इनमें ऐसे आवंटी भी शामिल हैं जो पूर्व में शुरू की गई राहत योजनाओं का लाभ नहीं उठा सके थे। अब उन्हें एक बार फिर बकाया मामलों के निपटारे का अवसर दिया गया है।
योजना में केवल आवासीय प्लॉट ही शामिल नहीं हैं। इसके दायरे में फ्लोर-वाइज रजिस्ट्रेशन, ग्रुप हाउसिंग साइट, संस्थागत और औद्योगिक प्लॉट जैसी विभिन्न श्रेणियों को भी शामिल किया गया है। इससे अलग-अलग श्रेणी के आवंटियों को अपने पुराने एन्हांसमेंट विवादों का समाधान करने का अवसर मिलेगा।
HSVP ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। पात्र आवंटी अपनी प्लॉट आईडी और पासवर्ड के जरिए योजना के पोर्टल पर लॉगिन करके यह देख सकते हैं कि उन्हें कितनी छूट मिल सकती है और अंतिम रूप से कितनी राशि जमा करनी होगी। इससे प्रत्येक आवंटी को अपने मामले के अनुसार देय राशि की जानकारी मिल सकेगी।
योजना की खास बात यह है कि इसमें पुराने विवादों को एकमुश्त आधार पर समाप्त करने की कोशिश की गई है। लंबे समय से बकाया रहने के कारण कई मामलों में ब्याज और अन्य देनदारियां बढ़ती गई हैं। ऐसे में निर्धारित छूट के साथ भुगतान का विकल्प प्लॉट धारकों के लिए आर्थिक राहत साबित हो सकता है।
हालांकि पात्र आवंटियों को समय सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा। HSVP ने 31 दिसंबर 2026 तक योजना का लाभ लेने का अवसर दिया है। तय समय के भीतर भुगतान और जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले डिफॉल्टर आवंटियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है। इसमें प्लॉट के पुनः अधिग्रहण यानी Resumption की कानूनी प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।
आवंटियों को योजना से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी होने पर संबंधित HSVP एस्टेट कार्यालय से संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है। इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी अनुरोध दर्ज कराया जा सकता है। HSVP की आधिकारिक वेबसाइट पर आवंटियों के लिए कई ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं।
इस योजना से जुड़ी राहत राशि और लाभार्थियों के आंकड़ों में अलग-अलग चरणों की रिपोर्टों में बदलाव भी दिखाई देता है। जुलाई में योजना की समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाए जाने की रिपोर्ट में 5,085 पात्र आवंटियों और 770 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित राहत का उल्लेख था, जबकि 18 अगस्त की ताजा रिपोर्ट में 4,924 लाभार्थियों और 724 करोड़ रुपये से अधिक की छूट बताई गई है। इसलिए व्यक्तिगत आवंटी के लिए पोर्टल पर दिखाई जाने वाली उसकी निर्धारित राशि ही सबसे महत्वपूर्ण होगी।
HSVP हरियाणा में नियोजित शहरी विकास, आवासीय सेक्टर, व्यावसायिक क्षेत्रों और संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास की प्रमुख सरकारी एजेंसी है। राज्य के कई शहरों में हजारों प्लॉट और संपत्तियां इसके अंतर्गत आती हैं। ऐसे में एन्हांसमेंट से जुड़े पुराने मामलों के समाधान से बड़ी संख्या में संपत्ति धारकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार और प्राधिकरण की कोशिश है कि पुराने विवाद अदालतों और विभागीय प्रक्रियाओं में लंबे समय तक लंबित रहने के बजाय एकमुश्त समाधान के जरिए समाप्त हों। इससे एक ओर आवंटियों को वित्तीय राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर HSVP को लंबित बकाया राशि की वसूली करने में मदद मिलेगी।
पात्र प्लॉट धारकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण तारीख 31 दिसंबर 2026 है। निर्धारित अवधि में योजना का लाभ नहीं लेने पर राहत का मौका समाप्त हो सकता है और बकायेदारों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए HSVP ने पात्र आवंटियों से अंतिम समय का इंतजार किए बिना अपनी देय राशि और छूट की जांच कर भुगतान प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
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