रेलवे यात्रियों के हाथ में सफाई की कमान फीडबैक से होगी अफसरों की जवाबदेही
ट्रेन में सुविधाओं को लेकर बड़ा बदलाव
अंबाला : भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। अब ट्रेन में मिलने वाली सुविधाओं जैसे कंबल, तकिया, बेडरोल और टॉयलेट की सफाई को लेकर यात्रियों से सीधे फीडबैक लिया जाएगा। यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। रेलवे का उद्देश्य सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। यात्रियों से मिलने वाले फीडबैक के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि ट्रेन में सुविधाओं की स्थिति कैसी है और कहां सुधार की जरूरत है।
यात्रियों की राय से होगी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत यात्री अपनी यात्रा के दौरान मिलने वाली सुविधाओं को लेकर अपनी राय दर्ज करा सकेंगे। इसमें बेडरोल की सफाई, कोच की स्वच्छता, शौचालय की स्थिति और अन्य सेवाएं शामिल होंगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यात्रियों की सीधी प्रतिक्रिया से जमीनी स्तर पर व्यवस्था को समझने में मदद मिलेगी।
खराब सेवा पर होगी जिम्मेदारी तय
यदि किसी ट्रेन या कोच में लगातार सफाई से जुड़ी शिकायतें सामने आती हैं तो संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है। इससे सफाई व्यवस्था में लापरवाही कम करने का प्रयास किया जाएगा। रेलवे पहले से ही स्वच्छता को लेकर कई अभियान चला रहा है। अब फीडबैक सिस्टम के जरिए निगरानी को और मजबूत करने की योजना है।
टॉयलेट और बेडरोल पर खास ध्यान
रेल यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायतों में अक्सर शौचालय की सफाई और बेडरोल की गुणवत्ता शामिल रहती है। नई व्यवस्था में इन सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। रेलवे का लक्ष्य है कि यात्रियों को सफर के दौरान साफ-सुथरा और बेहतर अनुभव मिल सके।
डिजिटल माध्यम से लिया जा सकता है फीडबैक
यात्रियों से फीडबैक लेने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके जरिए शिकायत और सुझाव सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचाए जाएंगे। रेलवे का कहना है कि यात्रियों की भागीदारी से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।