चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में अवसर देने की तैयारी तेज कर दी है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों से खाली पदों का पूरा ब्योरा मांगा है। इसका उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों को दिए जाने वाले आरक्षण के तहत उपलब्ध पदों की पहचान करना है।

सरकार ने विभागों से यह जानकारी मांगी है कि उनके यहां सीधी भर्ती के तहत कितने पद खाली हैं और इनमें से कितने पद पूर्व अग्निवीरों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। इसके लिए पदों और श्रेणीवार रिक्तियों का विवरण तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा क्षैतिज आरक्षण
हरियाणा सरकार ने राज्य के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्तियों में क्षैतिज आरक्षण देने का प्रावधान किया है। इसी व्यवस्था को लागू करने के लिए अब विभागवार रिक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। भर्ती प्रक्रिया हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार ने विभागों से सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग समेत अलग-अलग श्रेणियों में उपलब्ध पदों की जानकारी मांगी है। इसके साथ ही यह भी बताने को कहा गया है कि पूर्व अग्निवीरों के लिए कितने पद आरक्षित किए जा सकते हैं।
पुलिस समेत कई विभागों में मिलेगा मौका
पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य सरकार पहले ही कई सेवाओं में अवसर देने की घोषणा कर चुकी है। इनमें पुलिस, वन विभाग, जेल विभाग और अन्य सुरक्षा से जुड़े पद शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य सेना में सेवा दे चुके युवाओं के अनुभव और प्रशिक्षण का उपयोग सरकारी सेवाओं में करना है।
पहले बैच के अग्निवीरों पर नजर
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए युवाओं का पहला बैच चार साल की सेवा पूरी करने के बाद वापस आना शुरू हो गया है। ऐसे में उनके पुनर्वास और रोजगार को लेकर राज्य सरकारों ने तैयारी शुरू कर दी है। हरियाणा में भी सरकार पहले से व्यवस्था तैयार करने में जुटी है, ताकि सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।
विभागों को जल्द देनी होगी रिपोर्ट
मुख्य सचिव की ओर से सभी विभागों को रिक्त पदों की जानकारी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर तय करेगी कि अग्निवीरों के लिए कितने पद उपलब्ध हैं और किन विभागों में भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। हरियाणा सरकार के इस कदम से सेना से लौटने वाले अग्निवीरों को नई राह मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में सरकारी भर्तियों में उनके लिए आरक्षित पदों की संख्या और भर्ती प्रक्रिया की तस्वीर साफ हो जाएगी।

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