रेवाड़ी। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने नवंबर महीने का नया मिड-डे मील मेन्यू जारी कर दिया है। इसके तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पारंपरिक भोजन के साथ कई प्रकार के पौष्टिक व्यंजन परोसे जाएंगे। नए मेन्यू में दाल-रोटी, राजमा-चावल, कढ़ी-पकौड़ा, सब्जी पुलाव, खिचड़ी, गुड़ वाली रोटी, दही और मोटे अनाज से तैयार होने वाले व्यंजनों को शामिल किया गया है। विभाग का उद्देश्य बच्चों को संतुलित और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराना है, ताकि उनके स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों का ध्यान रखा जा सके।

शिक्षा विभाग ने प्राथमिक कक्षाओं के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए प्रतिदिन 6.78 रुपये और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए 10.17 रुपये की सामग्री लागत निर्धारित की है। इसी निर्धारित राशि के अनुसार स्कूलों में भोजन तैयार किया जाएगा। विभाग ने विद्यालयों को जारी मेन्यू के अनुरूप ही विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

रेवाड़ी जिले में मिड-डे मील योजना के तहत कुल 638 केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से राजकीय विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है। नए मेन्यू के लागू होने से बच्चों को पूरे महीने अलग-अलग प्रकार के खाद्य पदार्थ खाने को मिलेंगे।

मिड-डे मील योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ शिक्षा के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए यह योजना महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्कूल में दोपहर का भोजन मिलने से बच्चों की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।

नवंबर के नए मेन्यू में पहले सप्ताह से चौथे सप्ताह तक अलग-अलग व्यंजन निर्धारित किए गए हैं। पहले सप्ताह में विद्यार्थियों को सब्जी पुलाव के साथ काला चना, रोटी के साथ घीया-चना दाल, राजमा-चावल, कढ़ी-पकौड़ा और चावल तथा गुड़ वाली रोटी के साथ दही दिया जाएगा। छोटी दिवाली के अवसर पर विशेष मेन्यू रखने का भी प्रावधान किया गया है।

दूसरे सप्ताह में विद्यार्थियों के भोजन में मीठा दलिया, चावल के साथ सफेद चना, चना दाल की खिचड़ी और मिर्ची परांठा के साथ दही शामिल किया गया है। इन व्यंजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को अलग-अलग प्रकार के अनाज और दालों का स्वाद मिलेगा।

तीसरे सप्ताह के लिए भी कई पौष्टिक व्यंजन निर्धारित किए गए हैं। इस दौरान विद्यार्थियों को दाल-चावल, रोटी के साथ मूंग-मसूर की दाल, मिर्ची रोटी के साथ मौसमी सब्जी, मीठे मूंगफली चावल, नमकीन दलिया और गेहूं-रागी से तैयार चूरमा दिया जाएगा।

वहीं, चौथे सप्ताह में सब्जी पुलाव और काला चना, राजमा-चावल, कढ़ी-पकौड़ा और चावल, गुड़ वाली रोटी और दही तथा मिलेट परांठा और दही परोसे जाएंगे। महीने के अंतिम दिन विद्यार्थियों को सोया खिचड़ी देने का प्रावधान किया गया है।

इस बार के मेन्यू की खास बात यह है कि इसमें पारंपरिक खाद्य पदार्थों के साथ मोटे अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन को भी महत्व दिया गया है। बाजरा, रागी, सोया, राजमा, चना और विभिन्न दालों से तैयार व्यंजन बच्चों के भोजन में पोषण की विविधता बढ़ा सकते हैं।

बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज फाइबर और कई आवश्यक पोषक तत्वों के स्रोत हैं। वहीं, राजमा, चना, मूंग, मसूर और सोया जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन उपलब्ध कराते हैं। बच्चों के शारीरिक विकास के लिए पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा और प्रोटीन का सेवन महत्वपूर्ण होता है।

शिक्षा विभाग ने मेन्यू में स्वाद की विविधता का भी ध्यान रखा है। गुड़ वाली रोटी, मीठा दलिया और मूंगफली चावल जैसे व्यंजन विद्यार्थियों को भोजन के प्रति आकर्षित कर सकते हैं। एक ही प्रकार का भोजन लगातार मिलने के बजाय अलग-अलग व्यंजन परोसे जाने से बच्चों की भोजन में रुचि बनी रहने की संभावना है।

नवंबर महीने में मौसम बदलने के साथ तापमान में गिरावट भी शुरू हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के कुछ जिलों में गर्म और पौष्टिक भोजन पर विशेष जोर दिया गया है। यमुनानगर में जारी मेन्यू के अनुसार विद्यार्थियों को महीनेभर में 17 प्रकार के व्यंजन दिए जाएंगे। इनमें बाजरा, रागी और सोया से तैयार खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं।

हालांकि, नए मेन्यू को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विद्यालयों में आवश्यक खाद्य सामग्री की नियमित उपलब्धता जरूरी होगी। निर्धारित सामग्री लागत के भीतर भोजन तैयार करने के साथ उसकी गुणवत्ता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

विद्यालयों में भोजन की स्वच्छता, सही मात्रा और पौष्टिकता सुनिश्चित करना आवश्यक है। भोजन तैयार करने से पहले सामग्री की गुणवत्ता की जांच, स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल और रसोईघर की साफ-सफाई जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।

मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता सीधे उनके स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। इसलिए भोजन में निर्धारित सामग्री का उपयोग और मेन्यू का पालन करना जरूरी माना जाता है।

रेवाड़ी के मिड-डे मील जिला प्रभारी अली अहमद के अनुसार, पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए नवंबर महीने की नई भोजन सूची जारी की गई है। अब विद्यालयों में इसी सूची के अनुरूप बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

दूसरी ओर, यमुनानगर जिले के कुछ विद्यालयों में मिड-डे मील के लिए लंबित राशि को लेकर परेशानी की जानकारी भी सामने आई है। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, कई स्कूलों को अप्रैल के बाद से निर्धारित राशि प्राप्त नहीं हुई है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक राणा ने बताया कि लंबित राशि जारी कराने के लिए निदेशालय से मांग की गई है।

इससे स्पष्ट है कि नया मेन्यू लागू करने के साथ स्कूलों को समय पर बजट उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। यदि खाद्य सामग्री खरीदने के लिए पर्याप्त धनराशि समय पर नहीं मिलती है, तो निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने में कठिनाई हो सकती है।

फिलहाल नवंबर महीने के लिए नया मिड-डे मील मेन्यू जारी होने से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भोजन में अधिक विविधता मिलेगी। दाल, चावल, सब्जियों, दही और मोटे अनाज से तैयार व्यंजन बच्चों के संतुलित आहार में योगदान दे सकते हैं।

शिक्षा विभाग की इस पहल का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब सभी विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार नियमित रूप से स्वच्छ, पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

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