हरयाणा न्यूज़: तेजी से बढ़ते जा रहे साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए जिला पुलिस ने विभिन्न पुलिस थानों में साइबर डेस्क स्थापित किये हैं। इन साइबर डेस्कों ने साइबर ठगों द्वारा ठगे गये सात लाख 78 हजार 686 रुपये नागरिकों को वापिस दिलवाए हैं। पुलिस अधीक्षक लोकेन्द्र सिंह ने बुधवार को कहा कि साइबर अपराध से जुड़ी घटनाओं बारे पुलिस नागरिकों को समय-समय पर सतर्क करती रहती है। स्वयं को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करके ही नागरिक साइबर ठगी से बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। ऐप्स व बैंकिंग सिस्टम में सेंधमारी कर साइबर अपराधी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस तरह नागरिकों को ठगी से बचाने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल तैयार किया है। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर 1930 भी जारी किया गया है। इस पर नागरिक साइबर क्राइम से संबंधित अपनी शिकायत दे सकते है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ व्यक्ति जैसे ही हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत देता है, फ्रॉड की जानकारी के आधार पर जिस एकाउंट में पैसा पहुचा होगा, साइबर क्राइम डेस्क द्वारा उस एकाउंट को फ्रीज कर दिया जाएगा। जिस एकाउंट में पैसा गया है, उसका मालिक उसे निकाल नहीं पायेगा। साथ ही किसी नागरिक के एकाउंट से निकले पूरे रुपये उसके खाते में वापस आ जायेंगे। इस पोर्टल और हेल्पलाइन पर दी गई शिकायतों पर पोर्टल अमाउंट को फ्रीज़ करवाने के बाद शिकायत को संबंधित थाने की साइबर डेस्क पर फारवर्ड कर देता है। उन्होंने कहा कि जिला के थानों में स्थित साइबर डेस्कों पर आई शिकायतों पर कार्रवाई कर अब तक नागरिकों से ठगे गए सात लाख रुपये बचाये हैं।

पुलिस अधीक्षक लोकेन्द्र सिंह ने नागरिकों से कहा है कि फ्री गिफ्ट, लॉटरी लगना, बीमा पॉलिसी, वाउचर जीतने, लोन, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, डीलरशिप के लिए संपर्क करें और घर बैठे लाखों कमाए जैसे, केवाईसी व अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए आये काल से सावधान रहें। अगर किसी के साथ किसी भी प्रकार का साइबर अपराध हो जाता है या कोई ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता हैं तो बिना किसी देरी के जल्द से जल्द इसकी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in, साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 व नजदीकी पुलिस थाना/चौकी में सूचना दें ताकि समय रहते पैसा वापिस आ सके।

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