हरियाणा Haryana : राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय आगामी शैक्षणिक सत्र से यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में रचनात्मक मूल्यांकन लागू करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य सतत मूल्यांकन के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया में सुधार लाना है। यह निर्णय बुधवार को यहां आयोजित विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम डिजाइन एवं विकास केंद्र की सलाहकार समिति की बैठक में लिया गया। कुलपति राजबीर सिंह ने कहा कि रचनात्मक मूल्यांकन प्रणाली विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और विद्यार्थियों की समग्र क्षमता बढ़ाने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि रचनात्मक मूल्यांकन का उद्देश्य विद्यार्थियों की समझ
और कौशल में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम डिजाइन एवं विकास केंद्र रचनात्मक मूल्यांकन के लिए विधि और उपकरणों का चयन करेगा और एफडीसी इसके लिए शिक्षकों को तैयार करेगा। पाठ्यक्रम डिजाइन एवं विकास केंद्र के निदेशक एके राजन ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया। रचनात्मक मूल्यांकन के उद्देश्यों और लाभों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि रचनात्मक मूल्यांकन एक सतत मूल्यांकन प्रक्रिया है, जिसमें विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन असाइनमेंट, प्रस्तुतीकरण, प्रश्नोत्तरी, समूह चर्चा, सेमिनार और फील्ड वर्क सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से किया जाता है।