गुरुग्राम : द्वारका एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल ठेकेदार की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। हादसे में तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे काम कर रहे मजदूरों को टक्कर मार दी थी। हादसा द्वारका एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर राम चौक के पास हुआ था। यहां ठेकेदार सुनील चंद अपनी टीम के साथ लोहे की ग्रिल लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने काम कर रहे मजदूरों को टक्कर मार दी। हादसे में पहले दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं गंभीर रूप से घायल ठेकेदार सुनील चंद को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतकों की संख्या तीन हो गई।

रात में चल रहा था सड़क निर्माण का काम
बताया जा रहा है कि घटना के समय एक्सप्रेसवे पर रात में काम चल रहा था। मजदूर डिवाइडर और ग्रीन बेल्ट के पास लोहे की ग्रिल लगाने का काम कर रहे थे। काम के दौरान सुरक्षा इंतजाम के तहत बैरिकेडिंग भी की गई थी। दिल्ली की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने नियंत्रण खो दिया और काम कर रहे लोगों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
तीन लोगों की हुई पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों में बुलंदशहर निवासी बिजेंद्र सिंह, ओम प्रकाश उर्फ पप्पू और ठेकेदार सुनील चंद शामिल हैं। सभी लोग सड़क निर्माण से जुड़े काम में लगे हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। कार चालक की भूमिका और हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है।
परिवारों में पसरा मातम
हादसे की खबर मिलने के बाद मृतकों के परिवारों में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे व्यस्त मार्गों पर सड़क सुरक्षा और निर्माण कार्य के दौरान सावधानी को लेकर यह हादसा एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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