ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा होने की ओर

Update: 2026-07-29 11:33 GMT

हरियाणा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम और नूंह जैसे क्षेत्रों से जोड़ने के लिए बनाए जा रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन फरीदाबाद के सोतई गांव में करीब 200 मीटर जमीन का मामला अभी भी अटका हुआ है। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही इस विवाद का समाधान हो जाएगा, जिसके बाद एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य को और तेजी मिल सकेगी।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए प्रशासन ने सोतई गांव में अधिकतर भूमि का अधिग्रहण कर लिया है। अब केवल एक छोटे हिस्से पर कब्जा लेना बाकी है। यह जमीन पट्टीशामलात श्रेणी की बताई जा रही है, जिसको लेकर किसानों और नगर निगम के बीच विवाद चल रहा है।

जानकारी के अनुसार, सोतई गांव अब नगर निगम क्षेत्र में शामिल हो चुका है। गांव में कुछ जमीन पट्टीशामलात के रूप में दर्ज है। कई किसानों का दावा है कि इस जमीन पर उनका लंबे समय से कब्जा है, जबकि नगर निगम इसे अपनी संपत्ति बता रहा है। इसी विवाद के चलते किसान मुआवजे को लेकर अदालत पहुंच गए हैं।

जिला भूमि अर्जन अधिकारी की ओर से भी मुआवजे की राशि कोर्ट में जमा कराई जा चुकी है। इसके बावजूद कई किसानों ने अभी तक जमीन पर कब्जा देने की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) कई बार पुलिस और प्रशासन की मदद से जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा, लेकिन किसानों के विरोध के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

प्रशासन का कहना है कि ज्यादातर किसानों से बातचीत के बाद सहमति बन गई है और कई लोगों ने लिखित रूप से जमीन पर कब्जा लेने की अनुमति दे दी है। इसके बाद एनएचएआई को भी संबंधित जमीन पर कब्जा सौंपा जा चुका है। अब केवल करीब 200 मीटर क्षेत्र बचा है, जहां प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।

इस विवाद का असर एक्सप्रेसवे निर्माण की गति पर पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जब तक यह जमीन पूरी तरह उपलब्ध नहीं होगी, तब तक परियोजना का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा नहीं हो पाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है और यहां से उड़ानें भी शुरू हो गई हैं, लेकिन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद ही आसपास के जिलों के लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी।

यह एक्सप्रेसवे फरीदाबाद के सेक्टर-65 साहूपुरा से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बनाया जा रहा है। करीब 32 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 3600 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसमें हरियाणा क्षेत्र में करीब 23 किलोमीटर और उत्तर प्रदेश क्षेत्र में करीब 9 किलोमीटर हिस्सा शामिल है। परियोजना का निर्माण कार्य इंफ्राटेक कंपनी कर रही है और इसके लिए करीब 20 गांवों की जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी इस परियोजना का निरीक्षण कर चुके हैं। योजना के अनुसार एक्सप्रेसवे को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सोतई गांव के पूर्व सरपंच दिनेश सिंह के अनुसार, पट्टीशामलात की करीब तीन एकड़ जमीन का मामला अभी पूरी तरह हल नहीं हुआ है। जिन किसानों को मुआवजा मिल गया है, उन्होंने कब्जा देने के लिए सहमति दे दी है। वहीं, बाकी किसानों के मामले में 31 जुलाई को अदालत में सुनवाई होनी है। कोर्ट के फैसले के बाद मुआवजे और कब्जे की स्थिति साफ होगी।

प्रशासन का दावा है कि जल्द ही बची हुई 200 मीटर जमीन का समाधान निकाल लिया जाएगा। इसके बाद एक्सप्रेसवे निर्माण में तेजी आएगी और क्षेत्र के लाखों लोगों को नोएडा एयरपोर्ट तक सीधा और बेहतर संपर्क मार्ग मिल सकेगा। यह परियोजना फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र के विकास और यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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