Karnal करनाल: जिले के मधुबन थाना इलाके के मंगलोरा गांव में टायर पिघलाने वाली फर्नेस ऑयल फैक्ट्री में रविवार देर रात हुए ज़बरदस्त धमाके के मामले में पुलिस ने कंपनी मालिकों और केयरटेकर के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे में चार मज़दूर बुरी तरह झुलस गए हैं, जिनका रोहतक PGI में इलाज चल रहा है। शुरुआती जांच में लापरवाही और सेफ्टी इक्विपमेंट की कमी के आरोप सामने आए हैं।
21 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे कैरवाली गांव के पास बजरंग इंडस्ट्रीज में टायर पिघलाने का काम चल रहा था। रिएक्टर मशीन का मेन दरवाज़ा खोलते समय ज़ोरदार धमाका हुआ। मशीन से तेज़ रफ़्तार से आग और कार्बन निकला, जिससे पास खड़े चार मज़दूर बुरी तरह झुलस गए। हादसे से फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सभी मज़दूरों को पहले करनाल के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां संजय, रामअवध और जनार्दन की हालत गंभीर होने पर उन्हें रोहतक PGI रेफर कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, घायलों की हालत गंभीर होने की वजह से अभी बयान दर्ज नहीं किए गए हैं। आरोप है कि जैसे ही दरवाज़ा खोला गया, अंदर जमा गैस के प्रेशर से ज़ोरदार धमाका हुआ, जिससे मज़दूर आग की लपटों में घिर गए।
घायल मुरली साहनी ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि फ़ैक्ट्री मैनेजमेंट से कई बार सुरक्षा उपकरण देने की गुज़ारिश की गई, लेकिन हर बार उन्हें भरोसा देकर टाल दिया गया। सुरक्षा इंतज़ामों में लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ। हादसे की सूचना मिलने पर मंगलौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायज़ा लिया। इसके बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और पीड़ितों के परिवार वालों के बयान दर्ज किए। परिवार वालों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार देर रात फ़ैक्ट्री मालिक सुमित, राहुल और केयरटेकर बलराज के ख़िलाफ़ अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया।