हरियाणा के 590 करोड़ बैंक घोटाले में जांच तेज, तीन और IAS अधिकारी CBI जांच के दायरे में
Chandigarh चंडीगढ़ : हरियाणा में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े 590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच अब और तेज हो गई है। इस मामले में तीन और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जांच के दायरे में आ गए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार पहले ही पांच आईएएस अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति सीबीआई को दे चुकी थी। अब इसी क्रम में तीन और अधिकारियों से पूछताछ की मंजूरी भी दे दी गई है। इस तरह कुल आठ आईएएस अधिकारियों से सीबीआई द्वारा पूछताछ की जाएगी।
वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े इस मामले में सीबीआई ने राज्य सरकार से कुल आठ आईएएस अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति मांगी थी, जिसे अब औपचारिक रूप से स्वीकृति मिल गई है। सरकार की ओर से लिखित अनुमति मिलने के बाद जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही अनुमति प्रक्रिया पूरी हुई, टीम ने जांच के अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी है। इस मामले में बैंकिंग लेन-देन, फाइलों की मंजूरी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कई स्तरों पर वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं, जिसके बाद अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हुए हैं। सीबीआई अब दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर विस्तृत पूछताछ करेगी।
राज्य सरकार की मंजूरी के बाद जांच एजेंसी को अब सीधे संबंधित अधिकारियों से सवाल-जवाब करने का अधिकार मिल गया है। इससे मामले की जांच और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
इस घोटाले को लेकर पहले ही कई स्तरों पर जांच चल रही थी, लेकिन अब आईएएस अधिकारियों के शामिल होने से मामला और गंभीर होता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में इस जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना है।