हरयाणा न्यूज़: इलेक्ट्रिक (Electric) बसों का रोडवेज प्रशासन की ओर से हिसार निगम क्षेत्र के दायरे में संचालन किया जाएगा. क्योंकि यह सिटी बसें (City Bus) हैं,इसीलिए निगम क्षेत्र के आसपास चलाई जाएंगी. आम जनता को हर आधे घंटे (Half Hour) में इन बसों की रूटों पर सुविधा मिलेगी. इसके लिए रोडवेज प्रशासन ने इन बसों का रूटों पर संचालन के लिए मैप (Map) तैयार कर लिया है.अभी हिसार डिपो (Hisar Depo) को बसें मिलने में समय लगेगा. इस बारे में रोडवेज प्रशासनिक उच्च अधिकारियों को अवगत (Inform) करवा दिया है.

कब मिलेंगी इलेक्ट्रिक बसें:पंचकूला हेड क्वार्टर (Punchkula Head Quater) से हिसार डिपो से इलेक्ट्रिक बसों की मांग के बारे में जानकारी मांगी गई थी, कि डिपो को कितनी बसों की जरूरत है. हिसार डिपो ने पंचकूला हेड क्वार्टर को 100 इलेक्ट्रिक बसों की मांग भेजी है.जिले में आबादी ज्यादा है, और रूटों पर बसों की मांग भी ज्यादा है. छात्र-छात्राओं की संख्या ज्यादा है, और इन्हीं की बस में भीड़ ज्यादा होती है. बसों की मांग को लेकर छात्र जाम लगाते हैं. इस सब परिस्थितियों को देखते हुए बसों की मांग की गई है. इनके बिना हर रूट को सुविधा देना मुश्किल होगा. रोडवेज अधिकारियों के अनुसार जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी.

बढ़ेंगी आय, नए कर्मियों की पड़ेगी जरूरत: इससे रोडवेज (Roadways) की आय (Income) में बढ़ोतरी होगी,क्योंकि डीजल तेल (Diesel Oil) की बचत होगी. इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होने से डिपो की आय बढ़ना भी स्वाभाविक है. मगर इन बसों पर नए कर्मियों की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि रोडवेज के पास पहले ही कर्मियों की संख्या का टोटा है. ऐसे में इन बसों का संचालन मुश्किल होगा. प्रति बस 1 चालक (Driver) और 1 परिचालक (Conductor) की आवश्यकता होगी. इनके अलावा इन बसों के लिए एक- एक अतिरिक्त कर्मी (Extra Karmi) तैनात करने होंगे.100 इलेक्ट्रिक बसों के लिए 150 चालको और 150 परिचालको की आवश्यकता पड़ेगी.

चार्जिंग से 200 किलोमीटर चलने की क्षमता: इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शहर के 10 से 12 किलोमीटर के दायरे में होगा. अगर किसी बस में कोई दिक्कत होती है तो उसे तत्काल डिपो में पहुंचाया जाएगा. इन बसों की एक बार चार्जिंग (Charging) करने के बाद 200 मीटर चलने की क्षमता है. हर रोज इनको 200 मीटर चलाया जा सकेगा.

दो तरह की हैं बसे: यह इलेक्ट्रिक बसे दो तरह (Two Types) की है. एक बस की लंबाई 9 मीटर और दूसरी बस की लंबाई 12 मीटर होगी. 9 मीटर वाली बस में 30 से 35 सीटें होंगी और 12 मीटर वाली बस में 50 से 52 सीटें होंगी.

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