Chandigarh चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रोडमैप जारी किया है। राज्य सरकार की योजना के तहत 925 नई इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल किया जाएगा, वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा और 1 अक्टूबर से ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ नीति लागू की जाएगी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव Anurag Rastogi ने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्दियों के प्रदूषण सीजन से पहले सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) Raja Shekhar Vundru ने बताया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में 925 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है। फिलहाल 70 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, जबकि 385 अतिरिक्त बसों के लिए खरीद आदेश जारी किए जा चुके हैं। वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए एनसीआर में संचालित 22 मॉनिटरिंग केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 45 की जाएगी। 23 नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें 30 सितंबर तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
वाहन प्रदूषण नियंत्रण के तहत एनसीआर के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली लगाई जा रही है। इसके जरिए ईंधन भराने से पहले वाहन के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) का इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन किया जाएगा। बिना वैध पीयूसीसी वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। इसके अलावा लगभग 1,000 किलोमीटर शहरी सड़कों के पुनर्निर्माण और पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
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