हरियाणा  Haryana : आग लगने की घटनाओं के दौरान उद्योगों को बचाने के लिए उद्योगपतियों के संगठन जिला प्रशासन के सहयोग से हाइड्रोलिक वाहन खरीदेंगे। उपायुक्त के साथ उद्योगपतियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया।पानीपत को विश्व स्तर पर ‘टेक्सटाइल सिटी’ के रूप में जाना जाता है और यहां न केवल औद्योगिक क्षेत्रों में बल्कि शहर के बाहरी इलाकों और रिहायशी इलाकों में भी सैकड़ों उद्योग संचालित हैं।इनमें से अधिकांश पॉलिएस्टर आधारित इकाइयां हैं और 90 प्रतिशत से अधिक उद्योग अपने माल के निर्माण के लिए पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं, जो अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं। उद्योगों में अत्यधिक ज्वलनशील रसायनों का उपयोग किया जाता है। यदि किसी भी परिस्थिति में किसी भी कारखाने में आग लग जाती है, तो उस पर काबू पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। किसी भी अप्रिय घटना में, इन कपड़ा इकाइयों में आग को नियंत्रित करने में फोम टेंडर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हाल ही में सेक्टर-25 पार्ट-2 में वायदा ओवरसीज में भीषण आग लग गई थी और आग पर काबू पाने में करीब 20 घंटे लग गए थे। इसी तरह शहर में सेक्टर 29 पार्ट-2 स्थित आदर्श होम फर्निशिंग, सेक्टर 25 पार्ट-2 स्थित कालीन बनाने वाली फैक्ट्री तथा सिवाह के पास कंबल बनाने वाली फैक्ट्री में आग लगने की कई अन्य बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। आग लगने की घटनाओं के कारण उद्योगपतियों को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। उद्योगपति किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में आग पर काबू पाने के लिए उन्नत अग्निशमन प्रणाली, वाटर हाइड्रेंट तथा कुशल फायरमैन की मांग कर रहे हैं। अब उद्योगपतियों ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर अपने उद्योगों को ऐसी आग की घटनाओं से बचाने के लिए पहल करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया की अध्यक्षता में उद्योगपतियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि उद्योगपति जिला प्रशासन के सहयोग
से हाइड्रोलिक वाहन खरीदेंगे। कई बार आग इकाई की दूसरी या तीसरी मंजिल पर लगती है, लेकिन फायरमैन वहां तक ​​नहीं पहुंच पाते, क्योंकि उनके पास हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं होता। डीसी दहिया ने कहा कि वाहन के रखरखाव के लिए उसे अग्निशमन विभाग को सौंप दिया जाएगा। डीसी ने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे अपने मुख्यालय के माध्यम से दमकल गाड़ियों की पाइपों की मरम्मत सही तरीके से करवाएं। उद्योगपति फोम भी खरीदेंगे और उसे अग्निशमन विभाग को सौंपेंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आग बुझाने के लिए दमकल गाड़ियों को तुरंत पानी की जरूरत होती है, लेकिन औद्योगिक नगरी में वाटर हाइड्रेंट बहुत कम हैं।
ऐसे में उन्हें पानी लाने के लिए दौड़ना पड़ता है। इसलिए औद्योगिक सेक्टरों में और अधिक फायर हाइड्रेंट बनाए जाएंगे, ताकि दमकल गाड़ियों को तुरंत पानी मिल सके। बापौली औद्योगिक एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि वे भी एक फायर टेंडर खरीदकर उसे अग्निशमन विभाग को सौंपेंगे। इसका रखरखाव और संचालन अग्निशमन विभाग की जिम्मेदारी होगी, ताकि बापौली क्षेत्र में किसी भी तरह की आग लगने की स्थिति में आग पर तुरंत काबू पाया जा सके। बैठक में हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एचसीसीआई) पानीपत चैप्टर के चेयरमैन विनोद धमीजा, पानीपत एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव विभु पालीवाल, एचसीसीआई के सचिव राजीव अग्रवाल, हैंडलूम एक्सपोर्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वर्मा सहित अन्य उद्योगपति और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।
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