Haryana : यमुनानगर की निजी कंपनी के डिजाइन चुराने के मामले में कोर्ट ने 5 लोगों को 2 साल की सश्रम कारावास
हरियाणा Haryana : यमुनानगर जिला न्यायालय की न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) सुमित्रा कादियान ने यमुनानगर की एक निजी कंपनी के डिजाइनों का डाटा चुराने तथा चोरी किए गए डाटा का उपयोग करके डुप्लीकेट मशीनें बनाने और बेचने के मामले में पांच व्यक्तियों को दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। हाल ही में पारित आदेश में न्यायाधीश ने दोषी जसवंत, अवतार, दीपक कुमार, जसप्रीत और अनिल छेपा पर 3-3 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायाधीश ने यह भी आदेश पारित किया है कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषियों को 15-15 दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा। शिकायत में मेसर्स लार्क इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, यमुनानगर के जीएम सतबीर सिंह ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2011 में अवतार सिंह और जसवंत सिंह ने जसप्रीत सिंह, दीपक कुमार और अनिल छेपा के साथ मिलकर उनकी कंपनी के महत्वपूर्ण डाटा और गोपनीय जानकारी, जिसमें ड्राइंग, डिजाइन और बिक्री डाटा शामिल है, चुरा ली और यमुनानगर की एक फर्म में चोरी किए गए डिजाइनों के आधार पर मशीनों का निर्माण शुरू कर दिया। अपने ग्राहकों से यह फीडबैक मिलने के बाद कि उपरोक्त पूर्व कर्मचारी और अन्य लोग लार्क की तुलना में कम कीमत पर मशीनरी की आपूर्ति कर रहे थे, फर्म ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।