हरियाणा ने PG बॉन्ड पॉलिसी में किया बदलाव

Update: 2026-06-04 05:12 GMT

Haryana हरियाणा सरकार ने अपने इन-सर्विस डॉक्टरों के लिए पोस्ट ग्रेजुएट (PG) बॉन्ड पॉलिसी में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस फैसले का उद्देश्य राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करना और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना बताया जा रहा है। नई नीति के तहत अब सरकारी सेवा में कार्यरत डॉक्टरों को PG कोर्स के लिए बॉन्ड की शर्तों में कुछ राहत दी गई है, जिससे उनके लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना पहले की तुलना में आसान हो सकेगा। पहले की नीति में डॉक्टरों को PG करने के बाद लंबे समय तक सरकारी सेवा में काम करना अनिवार्य था, और बॉन्ड की शर्तें काफी सख्त थीं। कई डॉक्टरों ने इन नियमों को लेकर असंतोष भी जताया था, क्योंकि इससे उनकी व्यक्तिगत और करियर योजनाओं पर असर पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नीति में संशोधन किया है।

नए बदलाव के अनुसार, अब इन-सर्विस डॉक्टरों को बॉन्ड अवधि और शर्तों में कुछ लचीलापन दिया गया है। इससे डॉक्टरों को अपनी विशेषज्ञता बढ़ाने और बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, साथ ही राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी फायदा होगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस संशोधन का उद्देश्य डॉक्टरों को प्रोत्साहित करना और सरकारी सेवा में उनकी भागीदारी को बनाए रखना है। लंबे समय से डॉक्टर संगठन भी इस तरह के बदलाव की मांग कर रहे थे।

हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि नीति में संतुलन बनाए रखना जरूरी है, ताकि एक तरफ डॉक्टरों को सुविधा मिले और दूसरी तरफ सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। कुल मिलाकर, यह बदलाव स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में राज्य की चिकित्सा व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।

Tags:    

Similar News