Haryana : 52 नई प्रयोगशालाएं, 12 लाख किसानों की भूमि में नाइट्रोजन जांच अभियान शुरू होगा

Update: 2026-06-17 06:56 GMT

Haryana हरियाणा: सरकार ने राज्य में कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने और संतुलित खाद उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत राज्य में 52 नई प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, जहां मिट्टी में नाइट्रोजन स्तर की जांच की जाएगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में कुल 12 लाख किसानों की कृषि भूमि से नमूने लेने की योजना को मंजूरी दी गई, ताकि किसान यूरिया का निर्धारित मात्रा में उपयोग कर सकें और भूमि की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके।

सरकार का मानना है कि अत्यधिक यूरिया उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है, जिसे वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित करने के लिए यह पहल की जा रही है। प्रयोगशालाओं के माध्यम से किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी दी जाएगी और उसी के आधार पर खाद उपयोग की सलाह दी जाएगी।

इस बैठक में राजस्व, कृषि, कौशल विकास, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, बिजली निगम, लोक निर्माण विभाग, जनस्वास्थ्य, सिंचाई विभाग तथा हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम सहित कई विभागों के कुल 1468 करोड़ रुपये के 32 कार्यों को भी स्वीकृति दी गई।

बैठक में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके लिए किसानों को जागरूक करने हेतु राज्यव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान में मुख्यमंत्री स्वयं, संबंधित मंत्री और स्थानीय विधायक भी भाग लेंगे।

विशेष रूप से मोरनी क्षेत्र में 4000 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की योजना तैयार की गई है। सरकार का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है।

बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता उपस्थित रहे।

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