Gurugram: खैरमपुरिया को लेकर पुलिस के खुलासे ने चौंकाया

इस कॉलोनी के पते पर बना था फर्जी पासपोर्ट

Update: 2024-07-16 03:54 GMT

गुरुग्राम: भोंडसी थाने के रिकॉर्ड में गैंगस्टर राकेश उर्फ ​​काला खैरमपुरिया की पहचान प्रवीण के रूप में की गई है। उसके पासपोर्ट का सत्यापन भोंडसी गांव की जमीन पर स्थित डिफेंस कॉलोनी के एक मकान के पते पर किया गया है। गुरुग्राम के पुलिस महानिदेशक के आदेश पर मामले की जांच एसटीएफ कर रही है.

एक गैंगस्टर का फर्जी पासपोर्ट वेरिफिकेशन मिलने के बाद भोंडसी थाने में तैनात एक पुलिस अधिकारी भी एसटीएफ के रडार पर है। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक भोंडसी थाना क्षेत्र के राकेश उर्फ ​​काला का पासपोर्ट बनाने में कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शामिल हैं।

इसके सत्यापन के दौरान सभी मानक पूरे नहीं किए गए। जल्द ही एसटीएफ गुरुग्राम की टीम उसे रिमांड पर लेगी और पूरे मामले का खुलासा करेगी. फिलहाल आरोपी छह दिन की रिमांड पर हिसार एसटीएफ के पास है। वह हिसार में एक कार शोरूम संचालक की हत्या में शामिल है।

आरोपी काला ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर हत्या की जिम्मेदारी ली. एसटीएफ मुख्यालय में तखत के एएसआई अशोक के बयान के आधार पर भोंडसी थाना पुलिस ने 3 जुलाई को गैंगस्टर राकेश उर्फ ​​काला खैरमपुरिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था.

शिकायत में कहा गया है कि एसटीएफ सूत्रों से पता चला कि हिसार जिले के खैरमपुर थाना आदमपुर निवासी सुरेश कुमार के बेटे राकेश उर्फ ​​राकेश काला उर्फ ​​काला खैरमपुरिया का आपराधिक रिकॉर्ड है।

आरोपियों ने मिलकर पासपोर्ट बनाने के लिए फर्जी कागजात व दस्तावेज तैयार किए और प्रवीण कुमार पुत्र सुरेश कुमार निवासी डिफेंस कॉलोनी भोंडसी, गुरुग्राम के नाम से पासपोर्ट बनवाकर विदेश फरार हो गए। जिसका पासपोर्ट नंबर W5659684 है.

आरोपी हरियाणा के फतेहाबाद का घोषित अपराधी है और हनुमानगढ़ जिले के सत्र न्यायाधीश ने मुकदमे में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जिसमें काला पैरोल पर आया और प्रवीण के फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाकर विदेश भाग गया। इस संबंध में पुलिस धोखाधड़ी व अन्य का मामला दर्ज कर जांच कर रही है.

इस पासपोर्ट नंबर के जरिए काला तक पहुंची एसटीएफ: विदेश में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाला राकेश उर्फ ​​काला करीब दो साल से एसटीएफ के निशाने पर था, लेकिन उसे पकड़ने के लिए कोई सुराग नहीं मिल रहा था। इसी बीच एसटीएफ को उसके फर्जी पासपोर्ट नंबर के बारे में पता चला.

जिसके बाद एसटीएफ ने उसकी ट्रैवल हिस्ट्री लेकर गृह मंत्रालय की मदद ली. सूत्रों के मुताबिक, उसका पासपोर्ट रद्द करने के बाद एसटीएफ ने उसे थाईलैंड से बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही थाईलैंड में उसके लिए जाल बिछाया. सोनीपत में एनकाउंटर थाईलैंड में उससे मिले इनपुट के आधार पर किया गया था.

आईटी हब ने गैंगस्टरों को बनाया आसान निशाना: गुरुग्राम में बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां होने के कारण गैंगस्टर अपराधियों ने यहां से पासपोर्ट बनाने की साजिश रची. इसके तहत भोंडसी क्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी का चयन किया गया। इस क्षेत्र को हाल ही में नगर निगम द्वारा नियमित किया गया है। यहां पहले दर्जनों अवैध कॉलोनियां बस गईं।

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