हरियाणा में सर्दियों के प्रदूषण पर सरकार का एक्शन प्लान

Update: 2026-07-25 13:18 GMT

हरियाणा: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में हर साल सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। ठंड के मौसम में हवा की गुणवत्ता खराब होने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बनाई है। इसमें पराली प्रबंधन, कचरा निस्तारण, सड़क सफाई और धूल नियंत्रण जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

हरियाणा सरकार की ओर से प्रदूषण कम करने के लिए पराली प्रबंधन को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और अतिरिक्त कृषि मशीनों की खरीद की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि फसल अवशेषों का सही तरीके से प्रबंधन हो, जिससे सर्दियों में एनसीआर क्षेत्र में धुएं की समस्या को कम किया जा सके।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के बीच हुई बैठक में सर्दियों के दौरान प्रदूषण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि सर्दी शुरू होने से पहले उपलब्ध समय का उपयोग प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी तरीके से लागू करने में किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल और योजनाओं को समय पर लागू करने पर जोर दिया।

बैठक में सड़कों से उड़ने वाली धूल को प्रदूषण का बड़ा कारण मानते हुए इसे रोकने के लिए कई कदम उठाने का निर्णय लिया गया। सरकार ने मानसून के दौरान सड़कों के गड्ढों की पहचान और मरम्मत करने, फुटपाथ निर्माण, सड़क किनारे हरियाली बढ़ाने और नियमित सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई है।

इसके अलावा सड़कों की सफाई के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार ने सितंबर तक इन मशीनों के संचालन से जुड़ी कमियों को दूर करने का लक्ष्य रखा है। सड़क सफाई की प्रक्रिया की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कचरे और बायोमास के उचित निपटारे पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने ठोस कचरे और बायोमास के 100 प्रतिशत उठान का लक्ष्य रखा है। खुले में कूड़ा जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था तैयार की जाएगी।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने नगर निकायों में ठोस कचरा प्रबंधन और बायोमास जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अलग टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया है। इस टास्क फोर्स के जरिए कचरा जलाने की घटनाओं पर नजर रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

पराली जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर को और मजबूत करने की योजना बनाई गई है। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे बिना पराली जलाए फसल अवशेषों का प्रबंधन कर सकें। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से पराली जलाने वाले हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी।

एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या हर साल गंभीर रूप ले लेती है। खासकर अक्टूबर से जनवरी के बीच हवा की गुणवत्ता में गिरावट देखने को मिलती है। इसके पीछे पराली जलाना, वाहन प्रदूषण, निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल और कचरा जलाना प्रमुख कारण माने जाते हैं।

हरियाणा सरकार की इस पहल का उद्देश्य सर्दियों से पहले ही प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को लागू करना है, ताकि खराब हवा की स्थिति को कम किया जा सके। सरकार का मानना है कि सभी विभागों के बेहतर समन्वय और सख्त निगरानी से एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।

Tags:    

Similar News