Sonepat सोनीपत के हेल्थ डिपार्टमेंट की एक टीम ने चार लोगों को गिरफ़्तार करके आगरा, उत्तर प्रदेश (UP) में एक रेड के दौरान लिंग जांच (sex determination) करने वाले एक अंतर-राज्यीय रैकेट का पर्दाफ़ाश किया है। टीम ने आरोपियों के पास से 90,000 रुपये और एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी ज़ब्त की। सोनीपत के सिविल सर्जन को सूचना मिली थी कि ज़िले का रहने वाला समीर खरब लिंग जांच के रैकेट में शामिल है। सूचना मिलने के बाद, टीम ने एक डिकॉय मरीज़ (नकली मरीज़) के ज़रिए समीर खरब से संपर्क किया। वह टेस्ट करने के लिए तैयार हो गया और इसके लिए 90,000 रुपये मांगे।
सिविल सर्जन ने एक टीम बनाई जिसमें डॉ. योगेश दहिया और डॉ. दीपक कौशिक (नोडल ऑफ़िसर, PCPNDT) और डॉ. दीपक शर्मा (मेडिकल ऑफ़िसर) शामिल थे। इसके बाद समीर ने उन्हें सोमवार को बहालगढ़ चौक पर शंकर राणा से मिलने के लिए कहा। प्लानिंग के मुताबिक, हेल्थ टीम ने डिकॉय मरीज़ को बहालगढ़ चौक भेजा, जहाँ शंकर राणा सफ़ेद वैगन-आर कार में मौजूद था और टीम ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। वे KMP एक्सप्रेसवे से होते हुए मथुरा और फिर आगरा पहुँचे। इस बीच, शंकर राणा ने किसी को फ़ोन किया, जिसके बाद दो लोग आए और उन्हें ग्वालियर रोड पर स्थित संस्कार हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर ले गए। डिकॉय मरीज़ ने शंकर राणा को 40,000 रुपये एडवांस दिए और कहा कि बाकी के 50,000 रुपये काम पूरा होने के बाद दिए जाएंगे।
कुछ समय बाद, उन्होंने महिला का अल्ट्रासाउंड किया और उसे भ्रूण के लिंग के बारे में बताया। जानकारी मिलने के बाद, टीम ने पुलिस टीम के साथ मिलकर उस जगह पर रेड की और शंकर राणा, मनीष कुशवाहा, जयवीर सिंह और पवन कुशवाहा को गिरफ़्तार कर लिया। आगरा के PCPNDT नोडल ऑफ़िसर डॉ. सुशील कुमार भी मौके पर पहुँचे। सोनीपत और आगरा हेल्थ डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने हॉस्पिटल की तलाशी ली और आरोपियों के पास से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, वायरलेस अल्ट्रासाउंड प्रोब और पैसे बरामद किए। आगरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।