सोशल मीडिया और एआई के प्रभाव से लेकर राष्ट्र निर्माण पर मंथन
सोशल मीडिया और एआई के प्रभाव पर छात्रों ने व्यक्त किए विचार
हिसार: शहर के दयानंद कॉलेज में प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह के सानिध्य में आयोजित प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के तहत हिंदी एवं अंग्रेजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी एवं अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई तथा सह-आयोजिका डॉ. संगीता मलिक के नेतृत्व में हुआ।
शुक्रवार को हुई इस प्रतियोगिता में 30 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतिभा प्रदर्शन के लिए मंच उपलब्ध कराने के साथ उनके अभिव्यक्ति कौशल, तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास और समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया का समाज पर प्रभाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता : भविष्य एवं चुनौतियां तथा युवा और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर हिंदी और अंग्रेजी में अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों की प्रस्तुतियां ज्ञानवर्धक, तार्किक एवं विचारोत्तेजक रहीं।
प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को निखारने के साथ मंच पर विचार प्रभावी ढंग से रखने का आत्मविश्वास विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधुनिक युग की महत्वपूर्ण शक्तियां हैं। इनके सकारात्मक एवं रचनात्मक उपयोग के लिए विद्यार्थियों में विवेक, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का होना आवश्यक है।
निर्णायक मंडल में डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई, डॉ. संगीता मलिक एवं डॉ. सुमन भांभू शामिल रहे। हिंदी भाषण प्रतियोगिता में बीए इंग्लिश ऑनर्स द्वितीय वर्ष के प्रबजोत सिंह ने प्रथम, बीसीए प्रथम वर्ष की यौक्षी ने द्वितीय तथा बीए प्रथम वर्ष की रानी एवं बीसीए द्वितीय वर्ष की पुष्पा ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिता में बीसीए तृतीय वर्ष की नव्या ने प्रथम, बीकॉम तृतीय वर्ष की गौरी ने द्वितीय तथा बीसीए प्रथम वर्ष की हिमाक्षी ने तृतीय स्थान हासिल किया।
प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।