चंडीगढ़/सूरत। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने के लिए गुजरात के हीरा एवं आभूषण कारोबार से जुड़े उद्यमियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को गुजरात के सूरत में आयोजित प्रवासी मिलन समारोह में हरियाणा में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क विकसित करने की संभावनाओं पर विचार करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के माध्यम से लैब-ग्रोन डायमंड, आभूषण निर्माण, डिजाइनिंग, फिनिशिंग और निर्यात से संबंधित गतिविधियों को एक ही औद्योगिक परिसर में विकसित किया जा सकता है। इससे प्रदेश में नए उद्योग स्थापित होने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योगपतियों और हरियाणा के प्रवासी उद्यमियों से प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आग्रह किया। सरकार ने वर्ष 2030-31 तक पांच लाख करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करने और दस लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सूरत में उद्योगपतियों से मिले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने सूरत और गांधीनगर में विभिन्न उद्योगों से जुड़े निवेशकों के साथ संवाद का कार्यक्रम तय किया है।
मंगलवार को सूरत में आयोजित प्रवासी मिलन समारोह में मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योगपतियों और हरियाणा मूल के उद्यमियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि गुजरात में कारोबार स्थापित कर सफलता हासिल करने वाले हरियाणा के उद्यमी दोनों राज्यों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से हरियाणा में नए औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थापित करने और मौजूदा कारोबार का विस्तार करने की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया।
जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क विकसित करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने सूरत के हीरा और आभूषण कारोबारियों को हरियाणा में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क विकसित करने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य आभूषण उद्योग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को एक औद्योगिक व्यवस्था के अंतर्गत लाना है।
इसके माध्यम से हीरा निर्माण, आभूषण डिजाइनिंग, फिनिशिंग, पैकेजिंग और निर्यात जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा सकता है।
इस तरह की व्यवस्था से कारोबारियों को अलग-अलग स्थानों पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है।
हालांकि, जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के निर्माण को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। इसके लिए स्थान, निवेश राशि और परियोजना की समय-सीमा तय होने की पुष्टि नहीं हुई है।
लैब-ग्रोन डायमंड उद्योग पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने लैब-ग्रोन डायमंड उद्योग में भी निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया।
लैब-ग्रोन डायमंड ऐसे हीरे होते हैं, जिन्हें नियंत्रित तकनीकी परिस्थितियों में प्रयोगशाला में तैयार किया जाता है।
इनका उपयोग आभूषण निर्माण के साथ कुछ औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्रों में भी किया जाता है।
गुजरात का सूरत शहर हीरा कटिंग और पॉलिशिंग उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
ऐसे में यहां के उद्यमियों का अनुभव हरियाणा में नए आभूषण उद्योग विकसित करने में उपयोगी हो सकता है।
इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने से तकनीकी कर्मचारियों, डिजाइनरों और उत्पादन से जुड़े कुशल श्रमिकों की मांग बढ़ने की संभावना है।
पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 'मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026' लागू की गई है।
इसके तहत अगले पांच वर्षों में पांच लाख करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अतिरिक्त दस लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने की योजना है।
सरकार ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर, फार्मा, मेडिकल डिवाइस और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद की औद्योगिक ताकत बताई
सूरत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हरियाणा की औद्योगिक क्षमताओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम देश के प्रमुख कॉरपोरेट और तकनीकी केंद्रों में शामिल है।
मानेसर और बावल क्षेत्र में ऑटोमोबाइल तथा सहायक उद्योगों का मजबूत आधार मौजूद है।
इसी प्रकार फरीदाबाद इंजीनियरिंग और विनिर्माण गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बुनियादी ढांचा और संपर्क सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
उन्होंने निवेशकों से इन औद्योगिक क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने का आग्रह किया।
गुजरात और हरियाणा के बीच बढ़ेगा औद्योगिक सहयोग
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा और गुजरात के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।
दोनों राज्यों में औद्योगिक उत्पादन और कारोबार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने ऑटोमोबाइल, मशीनरी, टेक्सटाइल, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने मारुति सुजुकी के उत्पादन नेटवर्क का उदाहरण देते हुए कहा कि हरियाणा और गुजरात की औद्योगिक इकाइयां आपूर्ति शृंखला के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।
उनके अनुसार, कंपनियां अलग-अलग राज्यों में उपलब्ध औद्योगिक क्षमताओं का उपयोग करके अपने कारोबार का विस्तार कर सकती हैं।
पहले दिन मिले 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री के गुजरात दौरे के पहले दिन हरियाणा को लगभग 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की खबर सामने आई।
सूरत में विभिन्न उद्योगपतियों के साथ हुई व्यक्तिगत बैठकों के दौरान निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
कारोबारियों ने हरियाणा की औद्योगिक नीतियों और सुविधाओं में रुचि व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को सरकार की ओर से सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
हालांकि, निवेश प्रस्ताव मिलने का अर्थ पूरी राशि का वास्तविक निवेश हो जाना नहीं है।
परियोजनाओं के लिए आवश्यक मंजूरी, भूमि और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही निवेश धरातल पर उतर सकेगा।
अप्रैल 2027 में होगा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुजरात के उद्योगपतियों को अप्रैल 2027 में प्रस्तावित 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश में निवेश बढ़ाने और नए कारोबारी संबंध स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से अपने कारोबारी सहयोगियों और निवेशक नेटवर्क को भी इस आयोजन से जोड़ने का आग्रह किया।
सरकार का प्रयास है कि अंतरराष्ट्रीय तथा घरेलू कंपनियां हरियाणा में नई परियोजनाएं स्थापित करें।
इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक निवेश का वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए।
इसके लिए कंपनियों को युवाओं के कौशल विकास और प्रशिक्षण पर भी ध्यान देना होगा।
उन्होंने उद्योगपतियों से हरियाणा के युवाओं को प्रशिक्षण और कार्य अनुभव उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
साथ ही छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़ी कंपनियों की आपूर्ति शृंखला से जोड़ने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री का कहना है कि निवेश से केवल बड़ी कंपनियों को लाभ नहीं मिलना चाहिए, बल्कि स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होनी चाहिए।
निवेशकों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन
कार्यक्रम में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी निवेशकों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर काम कर रही है।
सरकार निवेशकों की समस्याओं के समाधान और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास से संबंधित योजनाओं को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना सरकार की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
ज्वेलरी पार्क से खुल सकते हैं रोजगार के नए रास्ते
यदि हरियाणा में प्रस्तावित जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क विकसित होता है, तो आभूषण उद्योग से जुड़े अनेक क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बन सकती हैं।
इनमें डिजाइनिंग, आभूषण निर्माण, हीरा प्रसंस्करण, गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग और निर्यात संबंधी कार्य शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त इस उद्योग से जुड़े छोटे व्यवसायों और सेवा प्रदाताओं को भी अवसर मिल सकते हैं।
हालांकि, वास्तविक रोजगार की संख्या परियोजना के आकार और निवेश पर निर्भर करेगी।
फिलहाल सरकार का जोर गुजरात के अनुभवी उद्यमियों को हरियाणा में निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए प्रेरित करने पर है।
सूरत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह आह्वान हरियाणा में हीरा एवं आभूषण उद्योग विकसित करने की दिशा में शुरुआती पहल है। आने वाले समय में परियोजना का स्थान, निवेश और औद्योगिक साझेदारी तय होने पर योजना की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।