Chandigarh: प्रदेश के प्रतीक चिन्ह को लेकर कांग्रेस सांसदों ने उठाए सवाल, सरकार पर लगाया बदलाव का आरोप
हरियाणा का प्रतीक चिन्ह बदलने का दावा, कांग्रेस सांसदों ने सरकार पर साधा निशाना
चंडीगढ़: हरियाणा कांग्रेस के सांसदों ने दावा किया है सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने राज्य के प्रतीक चिन्ह को बदल दिया है।
रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा, अंबाला के सांसद वरुण मुलाना तथा राज्यसभा सांसद कर्मवीर बोध ने मंगलवार को चंडीगढ़ में पार्टी के कई विधायकों के साथ की संयुक्त पत्रकार वार्ता में कहा कि हरियाणा सरकार न तो हरियाणा वासियों का सम्मान कर रही है न ही हरियाणा के चिन्ह का सम्मान कर रही है। हरियाणा के प्रतीक चिन्ह के बीच में एक राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह का निशान दर्शाया गया है।
वरुण चौधरी ने दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि असल चिन्ह कुछ और है लेकिन भाजपा सरकार कुछ और प्रयोग में ला रही है। बार-बार लिखित में देने के बावजूद कोई उत्तर नहीं आता है। भाजपा सरकार जनप्रतिनिधियों की चिठ्ठियों का भी जवाब देना उचित नहीं समझती।
राज्य सभा सांसद कर्मवीर बौद्ध ने हरियाणा के मुख्य सचिव को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य के प्रतीक चिन्ह को इस प्रकार से बदला नहीं जा सकता। किसी भी सरकारी अधिकारी को किसी पार्टी विशेष के पक्ष में नहीं बल्कि कानून के मुताबिक काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा में युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एचकेआरएन के जरिये ठेकेदारी पर भर्ती की जा रही है, जिसकी नौकरी लग जाती है उसे हर महीने ठेकेदार को कमीशन देना पड़ रहा है।एचकेआरएन के द्वारा भर्ती करना असंवैधानिक है। 19 अगस्त को कांग्रेस के सभी नेता विधायक और सांसद पंचकूला में एचकेआरएन कार्यालय का घेराव करेंगे।
इस अवसर पर विधायक शकुंतला खटक, विधायक बलराम दांगी, विधायक इंदुराज नरवाल, विधायक जस्सी पेटवाड़, विधायक देवेंद्र हंस, विधायक विकास सहारण, बलवान दौलतपुरिया मौजूद रहे।