Chandigarh: हरियाणा में शिक्षा सुधार को लेकर मुख्यमंत्री का संवाद कार्यक्रम
"हरियाणा में स्कूल प्रबंधन समितियों से मुख्यमंत्री का संवाद अभियान"
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को प्रदेश की स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) से सीधा संवाद करेंगे।विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयकों को विद्यालय प्रबंधन समिति के साथ होने वाले सीएम संवाद को लेकर तैयारियों के निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा निदेशक की ओर से 19 जुलाई को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक स्कूलों को खोलने के निर्देश जारी करने के साथ, स्कूल मुखियाओं को तैयारियां पूरी करने की कड़ी हिदायत जारी की गई थी। संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री एसएमसी संवाद के दौरान एसएमसी को नई शक्तियां देने का ऐलान कर सकते हैं।
सीएम के संवाद कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षक, विद्यालय स्टाफ और एसएमसी सदस्य अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे तथा मुख्यमंत्री का सीधा संबोधन सुनेंगे। इस कार्यक्रम में जिला स्तर पर एडीसी भी शामिल होंगे। विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री एसएमसी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलावों और समितियों को नई शक्तियां देने की घोषणा कर सकते हैं।
विभाग की ओर से जिला परियोजना समन्वयकों को कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीपीसी कार्यालय कार्यक्रम में शामिल होने वाले एसएमसी सदस्यों की संख्या का विवरण जुटाकर विभाग को उपलब्ध कराएंगे। साथ ही जिला स्तर पर चयनित स्कूल की एसएमसी के साथ पहले से बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा समझाई जाएगी और तकनीकी तैयारियां पूरी कराई जाएंगी। जिन स्कूलों की एसएमसी मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करेगी, वहां डीपीसी संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य, एसएमसी अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों के साथ पूर्व समन्वय बैठक करेंगे। इसमें संवाद की प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था और कार्यक्रम के संचालन की पूरी रूपरेखा तय की जाएगी, ताकि कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
शिक्षा निदेशक ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय 19 जुलाई से पहले एसएमसी की बैठक आयोजित कर अब तक हुए विकास कार्यों, खर्च की गई अनुदान राशि, पंचायत एवं एसएमसी के सहयोग से किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी सदस्यों के साथ साझा करे। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं के आधार पर स्कूल डेवलपमेंट प्लान तैयार कर विद्यालय में सुरक्षित रखा जाए। एसएमसी सदस्यों को यह भी बताया जाए कि विद्यालय स्तर पर एक लाख रुपये तक के विकास कार्य कराने की शक्तियां उन्हें प्राप्त हैं। जल्द ही सभी स्कूलों में खेल मैदान तैयार करवाएं जाएंगे और सभी में खेलों का सामान उपलब्ध करवाया जाएगा। भविष्य में प्रस्तावित विकास कार्यों पर भी एसएमसी के साथ चर्चा कर उनकी सहमति एवं सुझाव प्राप्त किए जाएं। विद्यालयों में पेयजल, मरम्मत एवं शौचालय संबंधी कार्यों हेतु राशि जारी की जा चुकी है। स्वतंत्र प्राइमरी विद्यालयों को छात्र संख्या के आधार पर 25,000 एवं 50,000 की राशि उपलब्ध करवाई गई है।