हरियाणा के बहादुरगढ़ शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर रोहतक रोड पर एनसीआर माइनर में सोमवार देर शाम सरस्वती प्रतिमा विसर्जन करने आए पांच लोग नहर में डूब गए। जिनमें से दो को यहां मौके पर मौजूद लोगों ने बचा लिया, लेकिन तीन लोगों का सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस की देखरेख में गोताखोर देर रात तक इनकी तलाश में जुटे थे।

शहर में कई जगह सरस्वती पूजा उत्सव का आयोजन किया गया था। इनमें कई पंडालों से प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए दिल्ली में यमुना नदी ले जाया गया और कुछ प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं ने एनसीआर माइनर में विसर्जित किया। प्रवासी श्रमिकों की सबसे बड़ी कॉलोनी छोटूराम नगर में सरस्वती पूजा उत्सव का आयोजन किया गया था। वसंत पंचमी से ही यहां सामूहिक पूजन होता है।
सोमवार को ये लोग मां सरस्वती की प्रतिमा को विसर्जन के लिए रोहतक रोड पर आसौदा माइनर पर ले गए। यहां प्रतिमा विसर्जन के लिए कई लोग नहर में उतर गए। प्रतिभा विसर्जन के दौरान इनमें से पांच लोग नहर में डूब गए। इन लोगों को डूबते देख वहां शोर मच गया।
नहर के बाहर मौजूद जिन लोगों को तैरना आता था, उन्होंने तत्काल ही नहर में उतरकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। डूबे हुए दो मजदूरों को बाहर निकालकर बचा लिया गया है, जबकि तीन अन्य दिलखुश, शैलेश और गौरव का देर रात तक कोई सुराग नहीं लग पाया। पुलिस की देखरेख में गोताखोर तलाश में लगे हैं।
डूबे युवकों में दिलखुश और शैलेश बिहार के हैं और तीसरा युवक गौरव यूपी का बताया जा रहा है। तीनों बहादुरगढ़ के छोटूराम नगर के रहने वाले हैं। आसौदा पुलिस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बाबूलाल ने बताया कि तीनों युवकों की तलाश की जा रही है। दमकल दस्ते के बचाव कर्मियों और अन्य गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है।


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