हरियाणा: पुलिस का एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) अब पहले से अधिक मजबूत होने जा रहा है। प्रदेश में आतंकी गतिविधियों, संगठित अपराध और बड़ी आपराधिक घटनाओं से निपटने के लिए तैयार की गई एटीएस की टीम में अब 200 प्रशिक्षित कमांडो शामिल हो गए हैं। इनमें 100 महिला और 100 पुरुष कमांडो हैं, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर फील्ड में तैनाती के लिए तैयार किया गया है। जल्द ही इन कमांडो की क्षमता का प्रदर्शन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, इन सभी कमांडो को पंचकूला स्थित प्रशिक्षण केंद्र में तीन महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को आतंकवाद विरोधी अभियानों, आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल, बंधक मुक्ति अभियान, शहरी क्षेत्रों में ऑपरेशन चलाने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में जवानों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास कराया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकें।
एटीएस में महिला कमांडो की तैनाती को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है। महिला कमांडो विशेष परिस्थितियों में तलाशी अभियान, संवेदनशील स्थानों पर कार्रवाई और अन्य सुरक्षा अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। इससे सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ेगी और विभिन्न अभियानों में बेहतर तालमेल स्थापित होगा।
प्रशिक्षित कमांडो का जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने विशेष डेमो आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में कमांडो अपने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों और क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद इन्हें प्रदेश में अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए तैनात किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि एटीएस को आधुनिक संसाधनों और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है, ताकि यह प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना सके।
हरियाणा में एटीएस के गठन का उद्देश्य आतंकी गतिविधियों, गंभीर अपराधों और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का तेजी से मुकाबला करना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के निर्देश पर प्रदेश में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। एटीएस को पूरी तरह सक्रिय स्वरूप देने के लिए प्रशिक्षित जवानों के साथ-साथ तकनीकी संसाधनों पर भी जोर दिया जा रहा है।
एटीएस के साथ बम निरोधक दस्ते को भी मजबूत किया जा रहा है। अब बम निरोधक दस्ता एटीएस का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इससे विस्फोटक पदार्थों से जुड़े खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ेगी। बम निरोधक टीम को आधुनिक उपकरणों और तकनीकी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिससे संदिग्ध वस्तुओं की जांच और कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, एटीएस में शामिल कमांडो को केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं बल्कि मानसिक मजबूती, त्वरित निर्णय लेने और टीमवर्क की विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है। किसी भी आतंकी घटना या बड़ी आपराधिक स्थिति में कम समय में प्रभावी कार्रवाई करना इन कमांडो की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
हरियाणा पुलिस का यह कदम प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है। 200 प्रशिक्षित कमांडो के मैदान में उतरने के बाद राज्य में सुरक्षा अभियानों की क्षमता बढ़ेगी और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी। आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर उपकरण और मजबूत रणनीति के साथ एटीएस प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है।