पीएम सूर्य घर योजना से वडोदरा की अमर कुंज सोसायटी को बिजली बिल से मिली आजादी
VADODRA वडोदरा, गुजरात — आधुनिक युग में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है और इस जरूरत को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा सबसे कारगर विकल्प बनकर उभर रही है। इसी दिशा में केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने लोगों को न केवल राहत दी है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद की है। इसका जीवंत उदाहरण वडोदरा की अमर कुंज कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी है, जहां सैकड़ों परिवार अब बिजली बिल से मुक्त हो गए हैं।अमर कुंज कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी की विश्वामित्री टाउनशिप में करीब 300 से अधिक घर हैं। सभी निवासियों ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छतों पर सोलर पैनल लगवाए हैं। सोसायटी के अध्यक्ष कमलेश शिंदे के अनुसार, इस पहल से हर परिवार को बिजली खर्च से बड़ी राहत मिली है और लोग अब आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादक बन गए हैं।
लाभार्थी रूपा रणदीवे ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि अब उन्हें हर महीने भारी-भरकम बिजली बिल चुकाने से मुक्ति मिल गई है। महिलाओं के लिए यह योजना विशेष रूप से मददगार साबित हुई है क्योंकि घरेलू बजट को मैनेज करना आसान हो गया है। इतना ही नहीं, अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आमदनी भी हो रही है, जिससे परिवारों की आय में बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, लाभार्थी दत्तात्रेय निमकर ने बताया कि पहले उन्हें सालाना करीब 35 से 40 हजार रुपये बिजली बिल के रूप में चुकाने पड़ते थे। लेकिन योजना का लाभ लेने के बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं में से पीएम सूर्य घर योजना सबसे लाभकारी है क्योंकि इससे आम आदमी को सीधा आर्थिक लाभ मिलता है।
सोसायटी की विश्वामित्री टाउनशिप के घरों में अब एसी, पंखा, टीवी, फ्रिज और अन्य उपकरण पूरी तरह सौर ऊर्जा से चल रहे हैं। इससे न केवल बिजली बिल का बोझ खत्म हुआ है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और हर घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित करना है। इससे ऊर्जा की बढ़ती खपत को पूरा किया जा सकेगा और साथ ही कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इस पहल से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को आर्थिक बचत और ऊर्जा सुरक्षा मिल रही है। अमर कुंज सोसायटी की पहल से यह साफ हो गया है कि यदि सामूहिक रूप से लोग आगे आएं, तो न केवल व्यक्तिगत स्तर पर, बल्कि पूरे समाज को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। इससे देश की ऊर्जा आयात पर निर्भरता भी घटेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। अध्यक्ष कमलेश शिंदे ने कहा कि भविष्य में इस योजना को और अधिक घरों तक पहुंचाना जरूरी है ताकि हर नागरिक सौर ऊर्जा से लाभ उठा सके।