Ahmedabad अहमदाबाद: म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) के CNCD विभाग ने इस बार “वैदिक होली” नामक एक अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत गोबर की बनी होली किट्स तैयार की गई हैं, जिनमें गोबर की लकड़ियां और लकड़ी के स्थान पर उपयोग होने वाले अन्य प्राकृतिक सामग्री के स्टिक शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य होलिका दहन को पारंपरिक तरीके से मनाना और शहर की हवा को साफ रखना है।
वर्षों से होलिका दहन के दौरान लकड़ी जलाने से धुआं और प्रदूषण बढ़ता रहा है। “वैदिक होली” किट्स के जरिए लोग धुएं-मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल होली मना सकते हैं। CNCD विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ये किट्स पर्यावरण सुरक्षा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
किट्स में गोबर के बने छोटे-छोटे गोले और स्टिक शामिल हैं, जिन्हें पूजा और होलिका दहन के समय इस्तेमाल किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि यह शहरी प्रदूषण को कम करने और बच्चों व बुजुर्गों की सेहत की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से शहरवासियों को पारंपरिक उत्सव के अनुभव के साथ-साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता का लाभ भी मिलेगा।
अहमदाबाद के नागरिकों ने इस पहल को स्वागतयोग्य बताया और कहा कि अब वे परंपरा का पालन करते हुए सुरक्षित और प्रदूषण रहित होलिका दहन कर सकते हैं। इसके अलावा, नगर निगम ने होली उत्सव के दौरान सुरक्षा और स्वच्छता के उपायों पर भी जोर दिया है। इस प्रकार, “वैदिक होली” पहल पर्यावरण संवेदनशीलता, पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का प्रतीक बनकर अहमदाबाद में होली पर्व को और अर्थपूर्ण बना रही है।