गांधीनगर। गांधीनगर जिले के रूपाल गांव में बुधवार को ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ के तहत ‘सेवा ज्योति मशाल यात्रा’ का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुजरात के डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने की। आयोजन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से जोड़ते हुए राज्य में चल रहे जनसंपर्क और जनभागीदारी अभियानों का हिस्सा बताया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत के लक्ष्य से लोगों को जोड़ना और केंद्र तथा राज्य स्तर पर जनसेवा, विकास और सुशासन से जुड़े संदेश को आम लोगों तक पहुंचाना था।
‘सेवा ज्योति मशाल यात्रा’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से भी जोड़ा गया। प्रधानमंत्री ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था और इसके बाद मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री के रूप में उनके 25 वर्ष पूरे होने पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।रूपाल में हुए जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का भी लाइव प्रसारण किया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम से हुए कार्यक्रम को देश के अलग-अलग शहरों और राज्यों में डिजिटल माध्यम से जोड़ा गया। रूपाल में मौजूद लोगों ने भी इस संबोधन को लाइव देखा और सुना।
कार्यक्रम के दौरान ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य पर विशेष जोर दिया गया। इस विजन के तहत वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प रखा गया है। आयोजकों ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आम नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक समूहों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विकास और जनसेवा से जुड़े प्रयासों पर चर्चा की। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुए राजनीतिक और प्रशासनिक सफर से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया।
आयोजन में यह संदेश दिया गया कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकारी योजनाओं से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। स्थानीय स्तर पर लोगों को विकास कार्यक्रमों से जोड़ने और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।सेवा ज्योति मशाल यात्रा के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को रेखांकित किया जा रहा है। यात्रा को सेवा, सुशासन, विकास और जनकल्याण के संदेश से जोड़ा गया है। गुजरात के विभिन्न जिलों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
रूपाल में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी भी देखने को मिली। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवा पीढ़ी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम के दौरान यह कहा गया कि आने वाले दो दशकों में देश की विकास यात्रा में युवाओं की शिक्षा, कौशल, रोजगार और नवाचार की भूमिका निर्णायक होगी।ग्रामीण क्षेत्र में जिला स्तरीय आयोजन करने का उद्देश्य भी व्यापक जनभागीदारी बढ़ाना था। रूपाल जैसे गांव में कार्यक्रम आयोजित कर यह संदेश देने की कोशिश की गई कि विकसित भारत का अभियान केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों और छोटे कस्बों को भी इसका समान भागीदार बनाया जा रहा है।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल से जुड़े विभिन्न विकास अभियानों और जनकल्याणकारी पहल का भी उल्लेख किया गया। आयोजकों ने इसे 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा के रूप में प्रस्तुत किया।
‘विकसित भारत संकल्प सभा’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों को देश के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया गया। साथ ही यह संदेश दिया गया कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।लाइव प्रसारण के दौरान प्रधानमंत्री के संदेश को देशभर में अलग-अलग स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों से जोड़ा गया। इससे विभिन्न राज्यों और जिलों में एक साथ कार्यक्रम का आयोजन हुआ और लोगों को एक साझा मंच पर विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की कोशिश की गई।गुजरात में सेवा ज्योति मशाल यात्रा को राज्यव्यापी अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। अलग-अलग जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल हो रहे हैं। रूपाल का आयोजन इसी श्रृंखला का जिला स्तरीय कार्यक्रम था।
डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर विकास से जुड़े मुद्दों और सरकार की योजनाओं को लेकर भी संवाद हुआ। कार्यक्रम का फोकस प्रधानमंत्री के 25 साल के जनसेवा काल और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को जन-जन तक पहुंचाने पर रहा।इस अवसर पर सेवा ज्योति मशाल यात्रा को प्रतीकात्मक रूप से सेवा और विकास की निरंतर यात्रा बताया गया। आयोजकों ने कहा कि मशाल का उद्देश्य विकास के संकल्प को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ना है।कुल मिलाकर, रूपाल में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ और ‘सेवा ज्योति मशाल यात्रा’ का जिला स्तरीय कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष और विकसित भारत 2047 के विजन को केंद्र में रखकर आयोजित किया गया। डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में हुए इस आयोजन में जनभागीदारी, विकास और सेवा के संदेश पर विशेष जोर दिया गया।