अमरेली। गुजरात के अमरेली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां लिलिया तालुका के गुंदरन गांव के बाहरी इलाके में मंगलवार तड़के दो लोगों ने कथित तौर पर एक वाहन में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस दौरान वाहन के अंदर सो रहे दो खेतिहर मजदूरों की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक 16 वर्षीय किशोर भी शामिल है। प्रारंभिक जांच में इस दोहरे हत्याकांड की वजह वाहन की खरीद-बिक्री से जुड़ा पैसों का विवाद सामने आया है। पुलिस ने मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार देर रात से मंगलवार तड़के के बीच गुंदरन गांव के बाहरी इलाके में हुई। दोनों मजदूर खेत के पास खड़े एक वाहन में सो रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर वाहन पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। वाहन के अंदर मौजूद दोनों मजदूर बाहर नहीं निकल सके और उनकी जलने से मौत हो गई।
पुलिस ने मृतकों की पहचान 16 वर्षीय रवि बघेल और 21 वर्षीय नितिन पचाया के रूप में की है। दोनों मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले थे और रोजगार की तलाश में गुजरात आए थे। यहां वे गुंदरन गांव में खेतिहर मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। दोनों अपने परिवारों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मजदूरी करते थे।घटना में जान गंवाने वाले रवि और नितिन रिश्ते में परिवार के सदस्य थे। पुलिस के अनुसार, रवि शिकायतकर्ता कमलेश बघेल का बेटा था, जबकि नितिन उनका भतीजा था। दोनों की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस वारदात के पीछे वाहन को लेकर चल रहा आर्थिक विवाद था। आरोपियों की पहचान विनोद डोडियार और उसके भाई राजू के रूप में हुई है। पुलिस का आरोप है कि दोनों भाइयों ने आपसी साजिश के तहत वाहन में आग लगाई, जिसके परिणामस्वरूप अंदर सो रहे दो मजदूरों की मौत हो गई।जानकारी के मुताबिक, मुख्य आरोपी विनोद डोडियार ने एक वाहन किस्तों पर खरीदा था। लेकिन समय पर किस्तों का भुगतान नहीं होने के कारण वाहन को वापस ले लिया गया था। इसी बात को लेकर विनोद नाराज चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, घटना से लगभग दस दिन पहले शिकायतकर्ता कमलेश बघेल ने वाहन का कब्जा वापस ले लिया था। वाहन वापस लिए जाने के कारण विनोद के मन में नाराजगी थी। आरोप है कि इसी रंजिश में उसने अपने भाई राजू के साथ मिलकर वाहन को आग लगाने की योजना बनाई।अमरेली के पुलिस उपाधीक्षक विस्मय मनसेता ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वाहन की किस्तों का भुगतान नहीं होने के कारण उसे वापस लिया गया था। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वाहन को आग लगाने की साजिश रची। उस समय वाहन में शिकायतकर्ता का बेटा और भतीजा सो रहे थे। आग लगने से दोनों की मौत हो गई।
आर्थिक विवाद की रकम को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर सामने आया है। कुछ समाचार रिपोर्टों में लगभग 30 हजार रुपये का बकाया बताया गया है, जबकि पुलिस अधिकारी के हवाले से प्रकाशित पीटीआई की रिपोर्ट में 60 हजार रुपये की राशि लंबित होने का उल्लेख है। बकाया रकम का अंतिम विवरण जांच में स्पष्ट हो सकेगा।इस वारदात की सबसे दर्दनाक बात यह है कि जिस विवाद को लेकर वाहन में आग लगाने का आरोप है, उसमें दो ऐसे मजदूरों की जान चली गई, जो वाहन के अंदर सो रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को वाहन में दोनों व्यक्तियों के मौजूद होने की जानकारी थी या नहीं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। आग से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस को वाहन के अंदर से दोनों मजदूरों के जले हुए शव मिले। इसके बाद शवों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की गई और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए।पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आर्थिक विवाद को हत्या का संभावित कारण माना है। इसके बाद दोनों संदिग्ध भाइयों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस घटना की परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और वारदात से संबंधित अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
इस मामले में यह भी जांच का विषय है कि आग लगाने के लिए इस्तेमाल किया गया ज्वलनशील पदार्थ कहां से लाया गया था। इसके अलावा घटना से पहले आरोपियों की गतिविधियों और शिकायतकर्ता के साथ हुए विवाद की जानकारी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।गुजरात के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आए मजदूर कृषि और अन्य कार्यों में रोजगार प्राप्त करते हैं। इनमें मध्य प्रदेश सहित आसपास के राज्यों के श्रमिक भी शामिल होते हैं। कई मजदूर खेती के मौसम में अपने परिवारों से दूर रहकर काम करते हैं।
ऐसी स्थिति में मजदूरों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। अमरेली की इस घटना में दो प्रवासी श्रमिकों की मौत ने मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।इस हत्याकांड में 16 वर्षीय किशोर की मौत विशेष रूप से दुखद है। कम उम्र में रोजगार के लिए अपने परिवार से दूर रहने वाले रवि की जिंदगी इस वारदात में समाप्त हो गई। वहीं, 21 वर्षीय नितिन की मौत से उसके परिवार को भी अपूरणीय क्षति पहुंची है।
पुलिस के सामने अब आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने की चुनौती है। यह जानना भी महत्वपूर्ण होगा कि वाहन में आग लगाने की योजना कब तैयार की गई और दोनों आरोपियों की कथित भूमिका क्या थी।फिलहाल दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच जारी है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों से घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।महज वाहन के बकाया भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद दो लोगों की मौत का कारण बन गया। अमरेली का यह दोहरा हत्याकांड इस बात का गंभीर उदाहरण है कि आर्थिक विवाद के हिंसक रूप लेने पर कितने भयावह परिणाम सामने आ सकते हैं।
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