अहमदाबाद। नीट पेपर लीक विवाद से आहत होकर आत्महत्या करने वाले 17 वर्षीय छात्र कहान पटेल के पिता ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित सख्त कानून का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में लोगों का भरोसा वापस लाने के लिए तेज जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों को कड़ी सजा देना बेहद जरूरी है।
कहान पटेल के पिता प्रशांत कुमार पटेल पेशे से वकील हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में सिर्फ कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे प्रभावी तरीके से लागू करना भी जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे पेपर लीक रोधी संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इससे परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।
प्रशांत पटेल ने कहा कि प्रस्तावित कानून में जांच और सुनवाई की समयसीमा तय करने, पेपर लीक के दोषियों के लिए सजा बढ़ाने और संगठित रूप से परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ मजबूत कानूनी ढांचा बनाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगर इन प्रावधानों को ईमानदारी से लागू किया जाता है तो इससे छात्रों और आम जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि जब भी सरकार न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने और फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की बात करती है तो यह सकारात्मक कदम होता है। लेकिन असली चुनौती यह है कि इन घोषणाओं को जमीन पर किस तरह लागू किया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले भी कई मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा हुई, लेकिन समय पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी।
प्रशांत पटेल ने कहा कि अगर जांच समय पर पूरी हो, रोजाना सुनवाई हो और अपील प्रक्रिया भी तय समय सीमा में पूरी की जाए तो यह परीक्षा से जुड़े अपराधों को रोकने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर यह महसूस किया है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है और इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं तो उनका समर्थन किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि कहान पटेल ने नीट परीक्षा विवाद के बाद 18 जून को आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा को लेकर पेपर लीक के आरोप सामने आए थे। इसके बाद परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे।
कहान के पिता ने बताया कि उनके बेटे को नीट परीक्षा में करीब 650 अंक मिलने की उम्मीद थी। वह लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और उसने इसके लिए काफी मेहनत की थी। लेकिन पेपर लीक के आरोपों और दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद वह काफी परेशान हो गया था।
उन्होंने बताया कि कहान को लगने लगा था कि उसकी महीनों की मेहनत बेकार चली गई। वह परीक्षा प्रणाली को लेकर अक्सर नाराजगी जाहिर करता था। हालांकि परिवार को उसकी मानसिक परेशानी की गंभीरता का अंदाजा उसकी मौत के बाद हुआ। उसके दोस्तों और कोचिंग शिक्षकों ने बताया कि उसके व्यवहार में काफी बदलाव आ गया था।
प्रशांत पटेल ने कहा कि उन्होंने पहले सरकार की प्रतिक्रिया में देरी को लेकर सवाल उठाए थे। उनका मानना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन अगर अब सरकार जिम्मेदारी लेते हुए परीक्षा सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठा रही है तो ऐसे प्रयासों का समर्थन किया जाना चाहिए।
नीट पेपर लीक विवाद ने देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए, ताकि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय न हो और प्रतियोगी परीक्षाओं में विश्वास बना रहे।