Kutch, कच्छ : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि सेना , नौसेना और वायु सेना के संयुक्त प्रयास से ऑपरेशन सिंदूर को रिकॉर्ड समय में अंजाम दिया जा सका। सिंह ने विजयादशमी के अवसर पर यहां भुज सैन्य अड्डे पर एल-70 एयर डिफेंस गन की शस्त्र पूजा की, जिसका ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सफलतापूर्वक उपयोग किया गया था । सैन्य शिविर में जवानों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, "मां दुर्गा इस बात की प्रतीक हैं कि जब विभिन्न शक्तियां एकजुट होती हैं, तभी राक्षसों का विनाश संभव है। थलसेना , वायुसेना और नौसेना , ये तीनों सेवाएं हमारी शक्ति के तीन स्तंभ हैं। जब ये तीनों सेवाएं एक साथ मिलकर काम करेंगी, तभी हम हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर पाएंगे। हमारी सरकार अपनी सेनाओं की एकजुटता पर लगातार जोर दे रही है। यह हमारी सशस्त्र सेनाओं की एकजुटता ही थी जिसने रिकॉर्ड समय में ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया..."
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल हथियार ही पर्याप्त नहीं हैं, तथा उन्होंने सशस्त्र बलों की उनके साहस, एकता और दृढ़ संकल्प के लिए प्रशंसा की, जो कठिन परिस्थितियों में विजय सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा, "...उत्तरी सीमाओं पर भी स्थिति चुनौतीपूर्ण है। पश्चिमी मोर्चे पर आतंकवाद का खतरा बना हुआ है और हिंद महासागर में नई रणनीतिक परिस्थितियाँ उभर रही हैं। कभी ये चुनौतियाँ बाहरी आक्रमण के रूप में आती हैं, कभी आतंकवादी संगठनों के रूप में, और आजकल तो साइबर युद्ध और सूचना युद्ध के रूप में भी।"
सिंह ने कहा, "हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि इन सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए सिर्फ़ हथियार ही काफ़ी नहीं हैं। मनोबल, आपसी एकता और विश्वास भी उतने ही ज़रूरी हैं। और पूरा देश मानता है कि ये सभी मूल्य हमारे सैनिकों में मौजूद हैं। मुझे गर्व है कि हमारे सशस्त्र बलों ने बार-बार यह साबित किया है कि जीत सिर्फ़ हथियारों की ताकत से नहीं, बल्कि उनके साहस और संकल्प की ताकत से भी मिलती है।"
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