एकता नगर : गुजरात। देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का अवलोकन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) ने 'नक्सल मुक्त भारत' विषय पर विशेष प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और विकास के संदेश को प्रमुखता से सामने रखा गया।सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती हर वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस आयोजन का उद्देश्य देश के एकीकरण में पटेल के योगदान को याद करना और नागरिकों के बीच राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी इस आयोजन का प्रमुख केंद्र रहा।
प्रधानमंत्री ने किया परेड का अवलोकन
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित परेड में अनुशासन, समन्वय और राष्ट्रीय एकजुटता की भावना को प्रदर्शित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में उपस्थित रहकर परेड का अवलोकन किया।राष्ट्रीय एकता दिवस परेड केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि देश की विविधता और साझा राष्ट्रीय पहचान को प्रदर्शित करने का अवसर भी है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से सुरक्षा बलों की भूमिका, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सामूहिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया जाता है।एकता नगर में आयोजित समारोह का केंद्र सरदार पटेल की वह विरासत रही, जिसने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद विभिन्न रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
'नक्सल मुक्त भारत' पर 2,000 कलाकारों की विशेष प्रस्तुति
समारोह का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से तैयार विशेष नाट्य प्रस्तुति रही। इसमें लगभग 2,000 कलाकारों को शामिल किया गया, जो देश के उन 126 जिलों से जुड़े हैं, जहां किसी समय वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव रहा है।प्रस्तुति के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की कठिनाइयों, हिंसा के कारण उत्पन्न परिस्थितियों और शांति एवं विकास की दिशा में उनके अनुभवों को सामने लाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षा अभियानों के साथ स्थानीय समुदायों के संघर्ष और बदलती परिस्थितियों को भी दर्शाना था।
सुरक्षा बलों के योगदान को मिली प्रमुखता
इस वर्ष की एकता परेड में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), उसकी विशेष कोबरा इकाई और छत्तीसगढ़ पुलिस सहित उन सुरक्षा बलों की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया, जिन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में भाग लिया है।केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, परेड में शामिल सुरक्षा बलों की उपलब्धियों को दर्शाने के लिए एलईडी स्क्रीन पर लघु फिल्मों की व्यवस्था की गई। इन फिल्मों के माध्यम से सुरक्षा अभियानों, जवानों के योगदान और प्रभावित क्षेत्रों में हुए बदलावों की जानकारी प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई थी।केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने आयोजन से पहले बताया था कि इस बार की परेड का एक प्रमुख उद्देश्य सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ सरकार के प्रयासों और सुरक्षा बलों की उपलब्धियों को सामने लाना है।
छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के कलाकार शामिल
'नक्सल मुक्त भारत' प्रस्तुति में छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र सहित नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों के कलाकारों की भागीदारी विशेष रही।राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के बेंगलुरु केंद्र के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने इस नाट्य प्रस्तुति की परिकल्पना, लेखन और निर्देशन किया। कार्यक्रम में कुछ ऐसे कलाकार भी शामिल किए गए, जिन्होंने नक्सल हिंसा का प्रभाव स्वयं अनुभव किया था।इस प्रस्तुति की विशेषता यह रही कि इसमें केवल प्रशिक्षित रंगकर्मियों पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय समुदायों के लोगों को भी शामिल किया गया। इससे उनके अनुभवों को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
'वंदे मातरम्' की थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में सांस्कृतिक विविधता को भी विशेष स्थान दिया गया। इस वर्ष की झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की मुख्य थीम 'वंदे मातरम्' रखी गई।देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की परंपराओं, लोककलाओं और विकास से जुड़ी झलकियों को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया। लगभग 5,000 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति में भारत की शास्त्रीय और लोकनृत्य परंपराओं को प्रदर्शित करने की योजना थी।आयोजकों के अनुसार, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान को एक मंच पर प्रस्तुत करना और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को रेखांकित करना था।
सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर विशेष आयोजन
इस वर्ष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती मनाई गई। प्रधानमंत्री मोदी ने एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के भारतीय संघ में एकीकरण में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इसी योगदान के कारण उन्हें 'लौह पुरुष' के नाम से जाना जाता है।राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन उनके इसी ऐतिहासिक योगदान की स्मृति में किया जाता है। कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय अखंडता, नागरिक जिम्मेदारी और देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं के बीच एकता का संदेश दिया गया।
एकता नगर को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर
प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे के दौरान एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का कार्यक्रम भी रखा गया।इन परियोजनाओं में जल शोधन संयंत्र, नर्मदा घाट का उन्नयन, पर्यटन सुविधाएं, सड़क विकास और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्य शामिल हैं।इसके अलावा 30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री ने भारत पर्व 2026 का उद्घाटन किया। यह आयोजन 15 नवंबर तक जारी रहने वाला है। इसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों की संस्कृति, हस्तशिल्प, खानपान और पर्यटन आकर्षणों को एक मंच उपलब्ध कराना है।
राष्ट्रीय एकता और विकास का दिया संदेश
एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह ने देश की सांस्कृतिक विविधता, सुरक्षा बलों की भूमिका और सरदार पटेल की विरासत को एक साथ प्रस्तुत किया।विशेष रूप से 'नक्सल मुक्त भारत' पर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रस्तुति के माध्यम से उन समुदायों के अनुभवों को सामने लाने का प्रयास किया गया, जिन्होंने लंबे समय तक हिंसा और असुरक्षा का सामना किया है।कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश राष्ट्रीय एकता के साथ शांति, सुरक्षा और विकास को आगे बढ़ाने का रहा।
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