भारत वैश्विक विमान लीजिंग हब्स से प्रतिस्पर्धा नहीं, उन्हें पूरक बनाएगा: Rammohan Naidu
Gandhinagar गांधीनगर : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने शुक्रवार को कहा कि भारत दुनिया के मौजूदा एयरक्राफ्ट लीजिंग हब्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने के बजाय उन्हें पूरक बनाने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश एक मजबूत और संतुलित एविएशन इकोसिस्टम विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वे गुजरात के GIFT सिटी में आयोजित इंडिया एयरक्राफ्ट लीजिंग एंड फाइनेंसिंग समिट 2.0 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत का विमानन क्षेत्र तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।
नायडू ने कहा कि भारत जिस तरह का एविएशन इकोसिस्टम विकसित कर रहा है, उसका लाभ केवल देश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह आसपास के क्षेत्रों और वैश्विक विमानन उद्योग को भी मजबूती देगा।
उन्होंने वैश्विक एयरक्राफ्ट लीजिंग बाजार की विशालता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र इतना बड़ा है कि इसमें दुनिया भर के निजी और वित्तीय क्षेत्र की व्यापक भागीदारी शामिल है। भारत भी इस बढ़ते बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मंत्री ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था आपस में गहराई से जुड़ी हुई है और ऐसे में दुनिया में कई क्षेत्रीय केंद्र विकसित हो सकते हैं, जिनमें भारत एक मजबूत भूमिका निभा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का लक्ष्य केवल एक वैश्विक खिलाड़ी बनना नहीं है, बल्कि वैश्विक उद्योग को सहयोग और मजबूती प्रदान करना भी है।
उन्होंने यह भी कहा कि GIFT सिटी जैसे वित्तीय केंद्र भारत को एयरक्राफ्ट लीजिंग और फाइनेंसिंग के क्षेत्र में एक उभरते वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भी भारत की बढ़ती क्षमता और निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान एविएशन सेक्टर में नीतिगत सुधारों और वैश्विक निवेश आकर्षित करने की रणनीतियों पर भी जोर दिया गया।
नायडू ने कहा कि सरकार का फोकस एक ऐसा वातावरण बनाने पर है, जहां वैश्विक कंपनियां भारत में आकर निवेश करें और यहां से पूरे क्षेत्र में अपनी सेवाएं विस्तार करें।