Amreli : गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को अमरेली जिले के मतिराला गांव में पिपरिया (झामकुड़ी) नदी पुनर्जीवन परियोजना की आधारशिला रखी। इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय जल संसाधनों को पुनर्जीवित करना और पारिस्थितिक स्थिरता को बढ़ावा देना है। यह परियोजना गुजरात सरकार और ढोलकिया फाउंडेशन के बीच एक रणनीतिक संयुक्त उद्यम के रूप में शुरू की जा रही है। ढोलकिया फाउंडेशन, पद्म श्री सावजी ढोलकिया के नेतृत्व वाले हरि कृष्णा ग्रुप की परोपकारी शाखा है। यह परियोजना पिपरिया (झामकुड़ी) नदी को पुनर्जीवित करने और जल प्रवाह को बढ़ाने, प्रदूषण को रोकने तथा नदी पर निर्भर स्थानीय समुदायों को सहायता प्रदान करने के लिए स्थायी उपाय लागू करने पर केंद्रित होगी।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को अमरेली जिले की राजुला तालुका में स्थित देवका विद्यापीठ में पट्टिका का अनावरण करके, नव-निर्मित अत्याधुनिक कन्या छात्रावास और भोजनालय भवन का भी उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान गुजरात में कन्या शिक्षा की एक मजबूत नींव रखी थी। एक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने आगे कहा कि एक ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित की गई है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने और जीवन में आगे बढ़ने में सक्षम बनाती है। 'शाला प्रवेशोत्सव' और 'कन्या केलवणी महोत्सव' की सफलता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इन पहलों ने स्कूल छोड़ने की दर (dropout rate) को घटाकर लगभग 2 प्रतिशत तक लाने में मदद की है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आर्थिक बाधाओं के कारण लड़कियां अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें, राज्य सरकार ने 'नमो लक्ष्मी' और 'नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना' शुरू की है। अब तक, 'नमो लक्ष्मी' योजना के तहत 21.34 लाख लड़कियों को 1,438 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जबकि 'नमो सरस्वती' योजना के तहत 2.96 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में सीधे 220 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार, शिक्षा क्षेत्र में राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को 'गेम चेंजर' (क्रांतिकारी कदम) बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात की लड़कियां शिक्षा, खेल, स्टार्टअप, अनुसंधान और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।