गांधीनगर। गुजरात में फिल्म, वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री और विज्ञापनों की शूटिंग के लिए अलग-अलग विभागों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘गुजरात फिल्म शूटिंग परमिशन पोर्टल’ लॉन्च किया है। सिंगल विंडो प्रणाली पर आधारित इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए फिल्म निर्माताओं को राज्य में शूटिंग के लिए जरूरी परमिशन और अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी NOC हासिल करने की प्रक्रिया एक ही जगह उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। पोर्टल को 27 सितंबर 2026 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री हर्ष संघवी ने लॉन्च किया।
यह पोर्टल टूरिज्म कॉर्पोरेशन ऑफ गुजरात लिमिटेड (TCGL) की फिल्म फैसिलिटेशन व्यवस्था से जुड़ा है। इसका उद्देश्य निर्माताओं को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में आवेदन करने और मंजूरी की स्थिति जानने की लंबी प्रक्रिया से राहत देना है। गुजरात की सिनेमैटिक टूरिज्म पॉलिसी में पहले से ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए शूटिंग की बुकिंग, परमिशन और क्लीयरेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। नए पोर्टल के जरिए इसी प्रक्रिया को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है।
राज्य में फीचर फिल्मों के अलावा डॉक्यूमेंट्री, वेब सीरीज, टेलीविजन प्रोडक्शन, विज्ञापन फिल्मों और अन्य ऑडियो-विजुअल प्रोजेक्ट की शूटिंग करने वाले निर्माता इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। फिल्म निर्माण कंपनियों को कई बार शूटिंग स्थल के आधार पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस, पर्यटन, वन, पुरातत्व और अन्य संबंधित विभागों से अनुमति की जरूरत पड़ती है। सिंगल विंडो मॉडल का उद्देश्य इन प्रक्रियाओं के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है।
गुजरात सरकार की सिनेमैटिक टूरिज्म पॉलिसी 2022-2027 के तहत TCGL के अधीन एक फिल्म फैसिलिटेशन सेल की व्यवस्था है। इसकी जिम्मेदारी फिल्म निर्माताओं से मिलने वाले आवेदनों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय करना और शूटिंग के लिए जरूरी प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराना है। नीति के तहत विभिन्न विभागों और जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने का प्रावधान भी किया गया है, ताकि आवेदनों पर समयबद्ध तरीके से फैसला लिया जा सके।
नए पोर्टल से फिल्म निर्माता एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा सकेंगे। इससे आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने और संबंधित विभागों से जरूरी क्लीयरेंस लेने की प्रक्रिया को पहले के मुकाबले सरल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कहना है कि प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने से फिल्म निर्माताओं को शूटिंग की योजना बनाने में भी आसानी होगी।
गुजरात पिछले कुछ वर्षों से खुद को फिल्म शूटिंग और सिनेमैटिक टूरिज्म के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर दे रहा है। राज्य में कच्छ का रण, अहमदाबाद का ऐतिहासिक क्षेत्र, द्वारका, सोमनाथ, गिर, चांपानेर, पावागढ़ और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित कई ऐसे स्थान हैं, जिन्हें अलग-अलग तरह के फिल्म प्रोडक्शन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। गुजरात पर्यटन भी फिल्म निर्माताओं के लिए राज्य में उपलब्ध लोकेशन और संसाधनों को लगातार बढ़ावा दे रहा है।
सिनेमैटिक टूरिज्म का मकसद केवल फिल्मों की शूटिंग आकर्षित करना नहीं है। किसी फिल्म या वेब सीरीज में किसी स्थान के दिखाई देने से उस जगह की पर्यटन पहचान भी बढ़ सकती है। शूटिंग के दौरान होटल, ट्रांसपोर्ट, खान-पान, स्थानीय कलाकारों, तकनीकी कर्मचारियों और दूसरे सेवा प्रदाताओं को भी काम मिलने की संभावना रहती है। इसी कारण कई राज्य फिल्म शूटिंग से जुड़े नियमों को आसान बनाने और निर्माताओं को एकल संपर्क व्यवस्था उपलब्ध कराने पर जोर दे रहे हैं।
गुजरात की मौजूदा नीति में फिल्म निर्माताओं को प्रशासनिक सहायता देने के साथ राज्य में मौजूद शूटिंग लोकेशन, स्थानीय कलाकारों, तकनीकी और गैर-तकनीकी कर्मचारियों, प्रोडक्शन संसाधनों तथा जरूरी संपर्कों की जानकारी उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है। फिल्म फैसिलिटेशन सेल से इस डेटाबेस को अपडेट रखने और फिल्म निर्माताओं के अनुरोधों पर विभागीय समन्वय करने की अपेक्षा की गई है।
राज्य की सिनेमैटिक टूरिज्म पॉलिसी में विभिन्न श्रेणी के प्रोडक्शन के लिए प्रोत्साहन का प्रावधान भी है। इसमें फीचर फिल्म, बड़े बजट की फिल्म, वेब और टीवी सीरीज तथा डॉक्यूमेंट्री जैसी श्रेणियां शामिल हैं। हालांकि किसी प्रोजेक्ट को प्रोत्साहन मिलने के लिए निर्धारित पात्रता और नीति की शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गुजरात सरकार ने राज्य में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से जुड़ी अन्य योजनाओं और आयोजनों की जानकारी भी साझा की। गुजरात सरकार 2026-27 को ‘गुजरात पर्यटन वर्ष’ के रूप में मना रही है। इसी कार्यक्रम में फिल्म शूटिंग परमिशन पोर्टल को राज्य में सिनेमैटिक टूरिज्म को बढ़ावा देने की डिजिटल पहल के रूप में पेश किया गया।
गुजरात पर्यटन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार हर्ष संघवी वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री के साथ पर्यटन विभाग का भी प्रभार संभाल रहे हैं। राज्य का पर्यटन विभाग सिनेमैटिक टूरिज्म को पर्यटन विकास के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल कर चुका है और अपनी पर्यटन नीति में फिल्म शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस को बढ़ावा देने की बात भी कही गई है।
नए डिजिटल पोर्टल के लागू होने के बाद अब इसकी प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अलग-अलग विभागों से जरूरी अनुमति कितनी तेजी से मिलती है और फिल्म निर्माताओं को आवेदन से लेकर अंतिम मंजूरी तक कितनी सहज प्रक्रिया उपलब्ध होती है। राज्य सरकार का उद्देश्य अनुमति प्रक्रिया को कम जटिल बनाकर गुजरात में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फिल्म प्रोडक्शन को आकर्षित करना तथा राज्य की विविध लोकेशन को बड़े पर्दे और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना है।
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